राज्य
26-Mar-2026
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नई दिल्ली(ईएमएस)। दिल्ली हाई कोर्ट ने सिविल सेवा परीक्षा में बौद्धिक अक्षमता और मानसिक बीमारी वाले उम्मीदवारों को आरक्षण से बाहर रखने वाली याचिका पर यूपीएससी और केंद्र सरकार से जवाब मांगा है। पीठ ने चार सप्ताह में हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है। मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय व न्यायमूर्ति तेजस करिया की पीठ ने केंद्र सरकार और यूपीएससी को नोटिस जारी कर चार सप्ताह में हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया। मामले में अगली सुनवाई 29 अप्रैल को होगी। याचिका में तर्क दिया गया है कि यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा- 2026 की अधिसूचना प्रभावी रूप से उन व्यक्तियों को आरक्षण के लाभों से बाहर रखती है जो दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम- की धारा 34(एक)(डी) के अंतर्गत आते हैं। इसमें बौद्धिक अक्षमता और मानसिक बीमारी शामिल हैं। अजीत झा/देवेन्द्र/नई दिल्ली/ईएमएस/26/ मार्च/2026