ज़रा हटके
27-Mar-2026
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-पाकिस्तान के रक्षामंत्री ने उड़ाया मजाक, पीएम और मुनीर कर रहे ट्रंप की चाकरी तेहरान,(ईएमएस)। ईरान युद्ध में फंस चुके अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप इस जंग से निकलने की हर संभव कोशिश कर रहे हैं। वहीं, इजराइल का रुख पहले की तरह ईरान की मौजूदा व्‍यवस्‍था को तबाह करने की है। इस बीच ऐसी खबरें भी सामने आ रही हैं कि ईरान जंग में पाकिस्‍तान मध्‍यस्‍थ की भूमिका निभा सकता है। इस्‍लामाबाद में इसको लेकर बेचैनी भी देखी जा रही है। पाकिस्‍तान के आर्मी चीफ जनरल आसिम मुनीर ने अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप से बात भी की है। अब इस मामले में नया ट्विस्‍ट आ गया है। एक तरफ मुनीर और पीएम शाहबाज शरीफ ट्रंप की चाकरी में लगे हैं। वहीं दूसरी तरफ पाकिस्‍तान के रक्षा मंत्री ख्‍वाजा आसिफ ने अमेरिका और उसके राष्‍ट्रपति का मजाक उड़ाया है। उन्‍होंने एक सोशल मीडिया पोस्‍ट में कहा कि अमेरिका ईरान जंग से क्‍या चाहता है यह वहां के लीडरशिप को पता ही नहीं है। ख्‍वाजा आसिफ ने वॉर गोल के लगातार बदलने पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि अब फोकस होर्मुज स्‍ट्रेट को खुलवाने पर शिफ्ट हो गया है। ख्वाजा आसिफ का कहना है कि ईरान के खिलाफ चल रहे सैन्य अभियान के उद्देश्यों में बदलाव दिख रहा है और अब इसका केंद्र बिंदु होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलना है। ख्‍वाजा आसिफ ने एक्स पर लिखा कि युद्ध से पहले यह महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग खुला हुआ था, लेकिन अमेरिका और इजराइल की कार्रवाई के बाद ईरान ने इसे बंद कर दिया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अब युद्ध का लक्ष्य उसी जलडमरूमध्य को खोलना प्रतीत होता है। बता दें होर्मुज दुनिया के सबसे अहम तेल परिवहन मार्गों में से एक है, जहां से वैश्विक कच्चे तेल का बड़ा हिस्सा गुजरता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस मार्ग में किसी भी तरह का व्यवधान वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती बन सकता है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इस्लामाबाद ने अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत कराने की पेशकश की है। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि यदि दोनों पक्ष सहमत हों, तो वह युद्धविराम वार्ता की मेजबानी करने को तैयार है। पीएम शहबाज शरीफ ने भी इस पहल का समर्थन करते हुए कहा कि पाकिस्तान क्षेत्र में शांति और स्थिरता के लिए हर संभव प्रयास करेगा। दूसरी ओर अमेरिका ने स्पष्ट किया है कि वह कूटनीतिक प्रयासों के साथ-साथ सैन्य कार्रवाई भी जारी रखेगा। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलीन लेविट ने कहा कि ईरान के साथ बातचीत जारी है और इसे सकारात्मक बताया। हालांकि उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अगर तेहरान अमेरिकी शर्तों को स्वीकार नहीं करता, तो प्रतिक्रिया और तेज की जा सकती है। वहीं ईरान ने भी संकेत दिया है कि वह अप्रत्यक्ष रूप से मिले प्रस्तावों की समीक्षा कर रहा है, लेकिन उसने अमेरिका के साथ सीधे वार्ता से इनकार किया है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने स्पष्ट किया कि मध्यस्थों के जरिए संदेशों का आदान-प्रदान बातचीत नहीं माना जा सकता और फिलहाल औपचारिक वार्ता की कोई योजना नहीं है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब संघर्ष चौथे सप्ताह में प्रवेश कर चुका है। एक ओर सैन्य गतिविधियां तेज हो रही हैं, वहीं दूसरी ओर कूटनीतिक प्रयास भी जारी हैं। सिराज/ईएमएस 27 मार्च 2026