ज़रा हटके
27-Mar-2026
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वेलिंग्टन (ईएमएस)। न्यूजीलैंड की हाल्टर नामक कंपनी ने ऐसा स्मार्ट कॉलर विकसित किया है, जो पारंपरिक पशुपालन को पूरी तरह बदल रहा है। इस एआई तकनीक से गायें खुद तय करती हैं कि उन्हें कब चरना है और कब दूध देने के लिए मिल्किंग शेड जाना है। यह सोलर-पावर्ड स्मार्ट कॉलर गाय के गले में लगाया जाता है, जिसमें जीपीएस, एआई और कई तरह के सेंसर लगे होते हैं। किसान को केवल एक मोबाइल ऐप इंस्टॉल करना होता है, जिसके जरिए वह गायों को निर्देश दे सकता है। ऐप के माध्यम से किसान वर्चुअल फेंस तैयार करता है, यानी बिना तार या बाड़ के ही चरागाह की सीमा तय कर दी जाती है। जब गायें इस सीमा के पास पहुंचती हैं तो कॉलर पहले बीप करता है, फिर वाइब्रेशन देता है और जरूरत पड़ने पर हल्का सुरक्षित शॉक सिग्नल भी देता है, जिससे वे वापस मुड़ जाती हैं। इस तकनीक की खासियत इसका ‘कॉवरिथम’ एआई सिस्टम है, जो गायों के व्यवहार को समझकर उन्हें ट्रेन करता है। कॉलर 24 घंटे गायों की लोकेशन ट्रैक करता है और उनकी सेहत पर नजर रखता है। यह रुमिनेशन (चबाने की प्रक्रिया), आराम, शरीर का तापमान और प्रजनन चक्र जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां रिकॉर्ड करता है। अगर कोई गाय बीमार होती है या हीट में आती है तो तुरंत ऐप पर अलर्ट मिल जाता है, जिससे समय रहते देखभाल संभव हो पाती है। दुनियाभर में इस तकनीक का तेजी से इस्तेमाल बढ़ रहा है। न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका में 7 लाख से ज्यादा गायों पर यह सिस्टम लगाया जा चुका है। अकेले अमेरिका के 22 राज्यों में 2 लाख से अधिक गायें इस तकनीक से मैनेज की जा रही हैं। आर्थिक रूप से भी यह तकनीक किसानों के लिए फायदेमंद साबित हो रही है। किसान प्रति गाय करीब 5 से 8 डॉलर महीने का खर्च करते हैं, लेकिन इसके बदले उन्हें हर हफ्ते 20 से 40 घंटे की मजदूरी बचत मिलती है। साथ ही, पारंपरिक फेंसिंग पर होने वाला भारी खर्च भी बच जाता है, जो प्रति मील 15,000 से 40,000 डॉलर तक होता है। कंपनी की लोकप्रियता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि हाल ही में यह 2 बिलियन डॉलर वैल्यूएशन पर फंडिंग जुटाने की प्रक्रिया में है। इस निवेश राउंड को पीटर थील की कंपनी फाउंडर्स फंड लीड कर रही है। Halter की स्थापना 2016 में क्रेग पिगॉट ने की थी और आज कंपनी में 350 से ज्यादा कर्मचारी काम कर रहे हैं। यह तकनीक न सिर्फ उत्पादन बढ़ा रही है, बल्कि पर्यावरण के लिए भी फायदेमंद है। सुदामा/ईएमएस 27 मार्च 2026