गुवाहाटी (ईएमएस)। असम विधानसभा चुनाव को लेकर मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने जोर देकर कहा है कि इस बार वोट अपने आप बीजेपी को मिलने और पार्टी को अपने पक्ष में जीत सुनिश्चित करने के लिए ज्यादा प्रचार की जरूरत नहीं है। एक कार्यक्रम में सीएम सरमा ने कहा कि कांग्रेस नेता गौरव गोगोई बीजेपी पर ध्रुवीकरण का आरोप लगा रहे हैं, लेकिन उनका कहना था, “उन्हें यहां लेकर आइए, मैं ध्रुवीकरण का मतलब नहीं समझता।” गौरव गोगोई और कांग्रेस की चुनावी स्थिति के बारे में पूछने सीएम सरमा ने पाकिस्तान का उदाहरण देकर कहा कि “आप पाकिस्तान जाकर पूछिए, यहां उन्हें कोई नहीं जानता। पूरे असम में जहां उनका वोट है वहां कुछ लोग जानते हैं, लेकिन आम जनता में उन्हें कोई पहचानता नहीं है।” उन्होंने कहा कि लोग हिंदू-मुस्लिम, असमिया या भारतीय कोई भी हों, सब लोग बीजेपी को वोट देने वाले और पार्टी ऐतिहासिक जीत दर्ज करेगी। लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा की रैलियों के बारे में पूछने पर उन्होंने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी और कहा कि रोड शो की भीड़ में हिंदू और मुसलमान दोनों दिख रहे हैं, और यही लोग बीजेपी को वोट दे रहे हैं। उनका कहना था कि वोट क्यों दिया जा रहा है, इसका पता चुनाव में शामिल मतदाताओं से ही लग सकता है। बात दें कि असम में सभी 126 विधानसभा सीटों पर मतदान 9 अप्रैल को होगा, जबकि 4 मई को परिणाम आएंगे। बहुमत के लिए 64 सीटों की जरूरत है। 2021 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी और उसके सहयोगियों ने 126 सीटों में से 75 पर जीत दर्ज की थी। इस बार भी मुख्य मुकाबला कांग्रेस और बीजेपी के बीच ही है। कांग्रेस ने गौरव गोगोई को राज्य में अपनी पार्टी का चेहरा बनाया है, जबकि बीजेपी की ओर से मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ही नेतृत्व कर रहे हैं। सीएम सरमा का आत्मविश्वास साफ नजर आ रहा है कि चुनाव में जनता का रुझान बीजेपी के पक्ष में है और पार्टी को किसी तरह के ध्रुवीकरण या विपक्षी प्रचार की चिंता नहीं है। उनका रुख स्पष्ट है कि इस चुनाव में मुद्दों या विरोधी रैलियों का असर नहीं पड़ेगा, क्योंकि वोट अपने आप बीजेपी को मिल रहे हैं। आशीष दुबे / 27 मार्च 2026