नई दिल्ली (ईएमएस)। देश में घरेलू रसोई गैस यानी एलपीजी सिलेंडर की बढ़ती कीमतों को लेकर आम जनता की चिंता बढ़ रही है। महंगाई के इस दौर में रसोई का बजट बिगड़ रहा है। मध्यम वर्ग और गरीब परिवारों पर इसका सीधा असर पड़ रहा है। सिलेंडर की कीमतों में समय-समय पर हुई बढ़ोतरी ने आम आदमी की व्यवस्था पर अतिरिक्त बोझ डाल दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि एलपीजी की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों, सब्सिडी नीति और टैक्स ढांचे पर निर्भर करती हैं। आम लोगों का तर्क है, जब वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतों में गिरावट आती है। तब भी घरेलू स्तर पर उपभोक्ताओं को कोई राहत नहीं मिली। सरकार ने एक्साइज ड्यूटी एवं अन्य शुल्क लगाकर सरकार ने भारी कमाई की। पेट्रोलियम कंपनियों ने भी जमकर मुनाफा कमाया। उपभोक्ताओं का आरोप है सिलेंडर बुक कराने के बाद समय पर डिलीवरी नहीं मिलती, कुछ मामलों में बिना डिलीवरी के ही “डिलीवर” का मैसेज आ जाता है। जिससे कालाबाजारी बढ़ रही है।लोगों को महंगे दामों पर सिलेंडर खरीदना पड़ रहा है। इसी बीच छापेमारी और कार्रवाई के सरकारी दावों पर भी सवाल उठ रहे हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार हजारों छापेमारी के बावजूद सैकड़ो की संख्या में सिलेंडर जब्त होने के आंकड़े सामने आते हैं। जिससे सरकार की कार्रवाई और सरकार अधिकारियों और कर्मचारियों की मिली भगत को लेकर नई बहस छिड़ गई है। जानकारों का मानना है, कि यदि वास्तव में जमाखोरी के खिलाफ छापेमारी हो रही है। तो जब्ती के आंकड़े उसी अनुपात में दिखने चाहिए थे। राजनीतिक स्तर पर भी यह मुद्दा गर्मा गया है। विभिन्न दल एक-दूसरे पर महंगाई को लेकर आरोप लगा रहे हैं। इस संदर्भ में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और मनमोहन सिंह के कार्यकाल की नीतियों, विशेषकर ऑयल बॉन्ड, का जिक्र किया जा रहा है। आर्थिक विशेषज्ञ मानते हैं वर्तमान महंगाई का सीधा संबंध मौजूदा वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों और घरेलू नीतिगत निर्णयों से प्रभावित होता है। केंद्र सरकार की ओर से उज्ज्वला जैसी योजनाओं के माध्यम से राहत देने की बात कही जाती है। जमीनी स्तर पर उज्जवला के लाभार्थियों का कहना है, सिलेंडर भरवाने की लागत अब भी उनके लिए भारी पड़ रही है। कुल मिलाकर, घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतें आज एक बड़ा आर्थिक और राजनीतिक मुद्दा है। आम जनता को राहत देने के लिए सरकार से प्रभावी और पारदर्शी कदम उठाने की उम्मीद है। ताकि रसोई का खर्च नियंत्रित रह सके। गैस की आपूर्ति समय पर हो। गैस का उपयोग खाना बनाने के लिए होता है। गैस समय पर उपलब्ध नहीं होती है,तो इससे सारा परिवार प्रभावित होता है। महंगाई का दबाव जिस तरह से आम जनता पर बढ़ता जा रहा है। उसके कारण जनता की नाराजगी भी बढ़ती जा रही है। एसजे/29/03/2026