29-Mar-2026
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नई दिल्ली,(ईएमएस)। उत्तर प्रदेश के जेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के औपचारिक उद्घाटन के साथ ही भारत के नागरिक उड्डयन क्षेत्र में एक नया अध्याय जुड़ गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शनिवार को किए गए इस उद्घाटन के बाद अब सभी की निगाहें कमर्शियल ऑपरेशंस शुरू होने पर टिकी हैं। नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने स्पष्ट किया है कि नागरिक उड्डयन सुरक्षा ब्यूरो से हवाई अड्डा सुरक्षा कार्यक्रम की अंतिम मंजूरी मिलते ही यहाँ से व्यावसायिक उड़ानें पूरी तरह शुरू हो जाएंगी। उम्मीद जताई जा रही है कि अगले 45 से 60 दिनों के भीतर सभी सुरक्षा मानक पूरे कर लिए जाएंगे और एयरपोर्ट एंट्री पास जारी होने के बाद स्टेकहोल्डर्स अपना काम शुरू कर सकेंगे। लगभग 6,200 हेक्टेयर भूमि पर पांच चरणों में विकसित किए जा रहे इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट का पहला चरण 11,200 करोड़ रुपये की लागत से सार्वजनिक-निजी भागीदारी मॉडल पर तैयार हुआ है। शुरुआत में यहाँ से घरेलू उड़ानों का परिचालन होगा, जिसमें दिल्ली और मुंबई जैसे मेट्रो शहरों को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके बाद टियर-2 और टियर-3 शहरों के लिए सेवाएं विस्तार लेंगी। जहाँ तक अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का सवाल है, इसमें थोड़ा अधिक समय लग सकता है क्योंकि इसके लिए आव्रजन और सीमा शुल्क विभाग की गहन समीक्षा और मंजूरी अनिवार्य है। हालांकि, इंडिगो जैसी प्रमुख एयरलाइन कंपनियां अंतरराष्ट्रीय परिचालन के लिए पूरी तरह तैयार हैं। कनेक्टिविटी के मामले में यह एयरपोर्ट देश के सबसे सुगम हवाई अड्डों में से एक होगा। इसे यमुना एक्सप्रेसवे, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे, ईस्टर्न पेरिफेरल और गंगा एक्सप्रेसवे जैसे बड़े सड़क मार्गों से जोड़ा गया है। साथ ही रेल और मेट्रो कनेक्टिविटी पर भी तेजी से काम चल रहा है। एयरपोर्ट के आसपास फिल्म सिटी, टॉय पार्क, अपैरल पार्क और सेमीकंडक्टर पार्क जैसी औद्योगिक इकाइयां विकसित की जा रही हैं। इस परियोजना से सीधे तौर पर 50,000 लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है, जबकि लाखों अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होंगे। तकनीकी रूप से यह एयरपोर्ट वैश्विक स्तर का है। पहले चरण में 3,900 मीटर लंबा रनवे तैयार किया गया है, जो आधुनिक नेविगेशन सिस्टम और हर मौसम में उड़ान भरने की सुविधा से लैस है। यहाँ 40 एकड़ में विमानों की मरम्मत के लिए विशेष केंद्र बनाया गया है। भविष्य में यहाँ कुल 8 रनवे बनाने की योजना है। एयरपोर्ट का डिजाइन बनारस के घाटों और भारतीय हवेलियों की वास्तुकला से प्रेरित है, जो इसे सांस्कृतिक पहचान भी देता है। फार्म टू ग्लोबल मार्केट मॉडल के तहत यहाँ से पश्चिमी यूपी के किसानों के उत्पाद और राज्य के करीब 1 करोड़ एमएसएमई उद्योगों का सामान सीधे वैश्विक बाजारों तक पहुँच सकेगा। वीरेंद्र/ईएमएस/29मार्च2026