केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ममता सरकार के खिलाफ जारी की ‘चार्टशीट’ कोलकत्ता (ईएमएस)। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों से पहले राजनीतिक माहौल तेज होता दिख रहा है। इस संदर्भ में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राजधानी कोलकाता में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सरकार के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी (भारतीय जनता पार्टी) का ‘आरोप पत्र’ जारी किया, इस बीजेपी पार्टी ने ‘चार्टशीट’ नाम दिया है। इस मौके पर पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य भी मौजूद थे। केंद्रीय मंत्री शाह ने राज्य की ममता बनर्जी सरकार पर तीखा हमला कर कहा कि पिछले 15 वर्षों में पश्चिम बंगाल में डर, भ्रष्टाचार और भेदभाव की राजनीति हावी रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी सरकार ने राज्य को अराजकता की स्थिति में पहुंचा दिया है, जहां कानून-व्यवस्था कमजोर हुई है, महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल खड़े हुए हैं और भ्रष्टाचार पूरे सिस्टम में गहराई तक फैल चुका है। केंद्रीय मंत्री शाह के अनुसार, यह चुनाव “डर और विश्वास” के बीच का चुनाव है, जिसमें जनता बदलाव चाहती है। चुनाव कार्यक्रम के अनुसार, बंगाल में मतदान दो चरणों में होना हैं, पहला चरण 23 और दूसरा चरण 29 अप्रैल को संपन्न होगा, जबकि मतगणना 4 मई को की जाएगी। इस पृष्ठभूमि में भाजपा ने अपने आरोप पत्र के जरिए टीएमसी सरकार के खिलाफ व्यापक मुद्दे उठाने की कोशिश की है। बंगाल पहुंचें केंद्रीय मंत्री शाह ने विशेष रूप से ‘घुसपैठ’ के मुद्दे को राष्ट्रीय सुरक्षा से जोड़कर गंभीर चिंता जाहिर की है। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल देश का एकमात्र ऐसा राज्य बन गया है, जहां से घुसपैठिए भारत में प्रवेश कर रहे हैं और विभिन्न हिस्सों में अस्थिरता पैदा कर रहे हैं। उनके अनुसार, सीमावर्ती क्षेत्रों से हो रही यह गतिविधि देश की सुरक्षा के लिए खतरा है। उन्होंने दावा किया कि असम में भाजपा सरकार बनने के बाद वहां घुसपैठ पर काफी हद तक नियंत्रण किया गया है, जबकि पश्चिम बंगाल में यह समस्या अभी भी जारी है। केंद्रीय मंत्री शाह ने ममता सरकार पर आरोप लगाया कि केंद्र के बार-बार अनुरोध के बावजूद राज्य सरकार ने सीमा पर बाड़ लगाने के लिए जमीन नहीं दी। उन्होंने ममता की इस रणनीति को “राजनीति से प्रेरित” कदम बताकर कहा कि टीएमसी घुसपैठियों को अपने वोट बैंक के रूप में देखती है, इसलिए इस दिशा में ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इसके अलावा, अमित शाह ने टीएमसी के ‘सोनार बांग्ला’ के वादे को विफल बताया। उन्होंने कहा कि राज्य में विकास की गति धीमी हो गई है और उद्योगों का पलायन हुआ है, इससे पश्चिम बंगाल “उद्योगों का कब्रिस्तान” बनता जा रहा है। उनके अनुसार, राज्य में ‘सिंडिकेट राज’ और भ्रष्टाचार ने प्रशासनिक व्यवस्था को कमजोर कर दिया है और आम जनता इससे प्रभावित हो रही है। शाह ने कहा कि भाजपा 2011 से ही टीएमसी की नीतियों के खिलाफ संघर्ष कर रही है और इस बार पार्टी को पूर्ण बहुमत मिलने का विश्वास है। उन्होंने दावा किया कि जनता अब ममता बनर्जी की “पीड़ित राजनीति” को समझ चुकी है और बदलाव के लिए तैयार है। अपने भाषण में अमित शाह ने शुभेंदु अधिकारी की भूमिका की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि अधिकारी ने चुनाव से पहले पूरे राज्य का दौरा कर जमीनी स्तर पर समस्याओं को समझा और लोगों तक पहुंचाया। शाह के अनुसार, अधिकारी ने राज्य में व्याप्त अव्यवस्था, आर्थिक संकट और घुसपैठ जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया है। समग्र रूप से, भाजपा का यह ‘अभियोगनामा’ टीएमसी सरकार के 15 वर्षों के शासन की आलोचना करते हुए कानून-व्यवस्था, भ्रष्टाचार, घुसपैठ और विकास जैसे मुद्दों को केंद्र में रखता है। अब देखना यह होगा कि आगामी चुनावों में जनता इन आरोपों को किस तरह से देखती है और किसे अपना समर्थन देती है। आशीष दुबे / 28 मार्च 2026