राष्ट्रीय
29-Mar-2026
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-राउज एवेन्यू कोर्ट का बड़ा फैसला; 11 साल पुराने जामसूंगढ़ कोयला ब्लॉक मामले में सबूतों के अभाव में मिली राहत नई दिल्ली,(ईएमएस)। राजधानी दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने एक दशक से अधिक पुराने कोयला ब्लॉक आवंटन मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए पूर्व कांग्रेस सांसद विजय दर्डा, उनके बेटे देवेन्द्र दर्डा और पूर्व कोयला सचिव एचसी गुप्ता समेत सभी आरोपियों को बरी कर दिया है। विशेष सीबीआई न्यायाधीश सुनेना शर्मा ने साक्ष्यों के अभाव और गवाहों के बयानों के आधार पर यह निर्णय सुनाया। यहां बताते चलें कि यह मामला जामसूंगढ़ कोयला ब्लॉक के आवंटन में कथित अनियमितताओं से जुड़ा था। जांच एजेंसी केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) का आरोप था कि आवंटन प्रक्रिया के दौरान तथ्यों को छुपाया गया और अनुचित लाभ लेने के लिए प्रभाव का इस्तेमाल किया गया। आरोपियों पर धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश के तहत मामला दर्ज किया गया था। अदालत के फैसले के मुख्य आधार करीब 11 साल तक चले इस मुकदमे के बाद अदालत ने अपने फैसले में कई महत्वपूर्ण बिंदुओं का उल्लेख किया, इनमें प्रमुख रहा गवाहों के बयान। दरअसल किसी भी गवाह ने यह साबित नहीं किया कि आवंटन प्रक्रिया में दबाव, लालच या धोखाधड़ी हुई थी। इसके अलावा दस्तावेजी स्थिति, जिसमें अदालत ने पाया कि आवेदन से जुड़ी अधिकांश जानकारी पहले से ही संबंधित विभागों के पास उपलब्ध थी। सबूतों की कमी: ऐसा कोई ठोस प्रमाण नहीं मिला जिससे यह साबित हो सके कि पैसों के लेनदेन का आवंटन प्रक्रिया से सीधा संबंध था। इन आधारों पर अदालत ने सभी आरोपियों को ससम्मान बरी करने का आदेश दिया। पृष्ठभूमि: 2012 का कोयला घोटाला कोयला ब्लॉक आवंटन से जुड़ा यह मामला साल 2012 में सामने आए बहुचर्चित घोटाले का हिस्सा था। नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (केग) की रिपोर्ट में आरोप लगाया गया था कि गलत तरीके से कोयला ब्लॉकों के आवंटन से सरकारी खजाने को भारी नुकसान हुआ। इस खुलासे के बाद देशभर में कई मामलों की जांच शुरू हुई, जिनमें यह मामला भी शामिल था। गौरतलब है कि एचसी गुप्ता पर अन्य मामलों में भी आरोप लगे थे, लेकिन इस विशेष मामले में अदालत ने उन्हें निर्दोष माना है। हिदायत/ईएमएस 29मार्च26