राष्ट्रीय
29-Mar-2026
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:: बड़ा विजन - देश का दूसरा सबसे बड़ा मेट्रोपॉलिटन बनेगा इंदौर-उज्जैन क्षेत्र; मुख्यमंत्री ने 1.44 लाख हितग्राहियों को बांटे लाभ :: इंदौर (ईएमएस)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को इंदौर के सुनहरे भविष्य की जल-सुरक्षा का नया अध्याय शुरू किया। दशहरा मैदान में आयोजित भव्य समारोह में उन्होंने अमृत 2.0 योजना के तहत 1356 करोड़ रुपये की नर्मदा जल परियोजना (चतुर्थ चरण) का भूमिपूजन किया। डॉ. यादव ने कहा कि इंदौर-उज्जैन मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र आने वाले समय में 1.5 करोड़ की आबादी के साथ देश का दूसरा सबसे बड़ा विकास केंद्र बनेगा। इसी को देखते हुए अगले 25 वर्षों (वर्ष 2045) की जरूरतों के लिए यह महायोजना तैयार की गई है। :: कैसा होगा नर्मदा चतुर्थ चरण का तकनीकी ढांचा? इस 1356 करोड़ के मेगा प्रोजेक्ट को चार तकनीकी पैकेजों में बांटा गया है, जो इंदौर के वॉटर नेटवर्क की सूरत बदल देगा: पैकेज-1 (मजबूत सोर्स) : जल संग्रहण के लिए 1650 एमएलडी का विशाल इंटेक वेल, 400 एमएलडी का अत्याधुनिक ट्रीटमेंट प्लांट, पंपिंग स्टेशन और आधुनिक जल इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण। पैकेज-2 (इंजीनियरिंग मिसाल) : पानी लाने के लिए 39 किलोमीटर लंबी ग्रेविटी पाइपलाइन और पहाड़ियों के बीच 2870 मीटर लंबी टनल (सुरंग) का निर्माण। साथ ही क्लोरिनेशन प्लांट भी बनेगा। पैकेज-3 (वितरण नेटवर्क) : शहर के एक हिस्से में 20 नए ओवरहेड टैंक, 29 पुराने टैंकों का उन्नयन, 685 किमी पाइपलाइन और 1.26 लाख नए कनेक्शन। पैकेज-4 (वितरण नेटवर्क) : दूसरे हिस्से में 20 नए ओवरहेड टैंक, 46 पुराने टैंकों का कायाकलप, 892 किमी पाइपलाइन और 1.21 लाख नवीन जल कनेक्शन। :: लोकार्पण : 62 करोड़ का एसटीपी प्लांट, रामसर साइट सिरपुर होगा प्रदूषण मुक्त :: मुख्यमंत्री ने इंदौर की रामसर साइट सिरपुर तालाब के संरक्षण के लिए 62.72 करोड़ की लागत से निर्मित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) का लोकार्पण भी किया। उन्होंने कहा कि कान्ह नदी के पानी को शुद्ध कर खेती के उपयोग में लाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रत्येक बूंद जल का संरक्षण ही प्रदेश को समृद्ध बनाएगा। :: संकल्प से समाधान : 1.44 लाख चेहरों पर लौटी मुस्कान :: प्रशासनिक सक्रियता का उदाहरण पेश करते हुए मुख्यमंत्री ने संकल्प से समाधान अभियान के तहत इंदौर जिले के 1,44,912 आवेदनों का सफल निराकरण किया और मंच से हितग्राहियों को लाभ वितरित किए। उन्होंने बताया कि अब प्रदेश में जल गंगा संवर्धन अभियान के जरिए कुएं, बावड़ी और तालाबों सहित पौने तीन लाख जल संरचनाओं का पुनर्जीवन किया जा रहा है। :: बड़ी घोषणाएं : सिंहस्थ-2028 और नदी जोड़ो अभियान :: शिप्रा शुद्धिकरण : मुख्यमंत्री ने संकल्प दोहराया कि सिंहस्थ-2028 में श्रद्धालु मां शिप्रा के शुद्ध जल में स्नान कर सकेंगे। इसके लिए वर्षा जल संग्रहण की हजारों करोड़ की योजना पर काम जारी है। नदी जोड़ो प्रोजेक्ट : केन-बेतवा और पार्वती-कालीसिंध-चंबल परियोजनाओं से बुंदेलखंड और मालवा-निमाड़ के जिलों में सिंचाई व पेयजल की स्थिति सुदृढ़ होगी। सिंचाई लक्ष्य : जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने बताया कि प्रदेश की सिंचाई क्षमता को 2028-29 तक 100 लाख हेक्टेयर पहुँचाने का लक्ष्य है। :: दिग्गजों के बयान : किसने क्या कहा? कैलाश विजयवर्गीय (नगरीय विकास मंत्री) : आज का दिन इंदौर के इतिहास में स्वर्णिम है। वैज्ञानिकों ने कभी नर्मदा को इंदौर लाना असंभव बताया था, लेकिन आज हम चौथे चरण पर हैं। यह प्रधानमंत्री मोदी के आत्मनिर्भर भारत के संकल्प का हिस्सा है। तुलसीराम सिलावट (जल संसाधन मंत्री) : वर्ष 2028-29 तक राज्य में सिंचाई क्षमता को 100 लाख हेक्टेयर तक पहुँचाने का लक्ष्य है। अकेले पिछले दो वर्षों में 8 लाख हेक्टेयर क्षमता बढ़ाई गई है। पुष्यमित्र भार्गव (महापौर) : अमृत-2 का बजट 1100 से बढ़ाकर 2600 करोड़ करना हमारे बड़े विजन का हिस्सा है। 2029 तक इंदौर में 900 एमएलडी पानी पहुँचने लगेगा, जिससे 65 लाख नागरिकों की प्यास बुझेगी। :: आंकड़ों में नर्मदा परियोजना :: कुल लागत : 1356 करोड़ रुपये लक्ष्य वर्ष : 2045 तक की जरूरतें कुल पानी : 900 एमएलडी (2029 तक) नए टैंक : 40 (कुल 75 टैंकों का उन्नयन) नई पाइपलाइन : 1577 किलोमीटर मुख्यमंत्री ने मां नर्मदा के पवित्र जल का अर्पण किया और उपस्थित साधु-संतों का आशीर्वाद लिया। कार्यक्रम में सांसद शंकर लालवानी, विधायक रमेश मेंदोला, मालिनी गौड़, उषा ठाकुर, कलेक्टर शिवम वर्मा और नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। प्रकाश/29 मार्च 2026