राष्ट्रीय
29-Mar-2026


* पीएम मोदी 31 मार्च को वाव-थराद से रु. 67 करोड़ से अधिक की पर्यटन परियोजनाओं का करेंगे ई-लोकार्पण गांधीनगर (ईएमएस)| ‘अविरत गुजरात, विकसित गुजरात’ के विज़न के साथ गुजरात परंपरा, आधुनिकता और विकास के अद्भुत संगम के रूप में वैश्विक पहचान बना चुका है। ‘विकास भी, विरासत भी’ के मंत्र को साकार करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 31 मार्च 2026 को वाव-थराद की यात्रा के दौरान राज्य के पर्यटन क्षेत्र को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए रु. 67 करोड़ से अधिक की परियोजनाओं का ई-लोकार्पण और ई-शिलान्यास करेंगे। यह अवसर इसलिए भी विशेष है क्योंकि राज्य सरकार ने वर्ष 2026 को ‘गुजरात पर्यटन वर्ष’ घोषित किया है। भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में बजट में विश्वस्तरीय पर्यटन सुविधाओं के विकास के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। इसमें ऐतिहासिक धरोहरों का उन्नयन, तीर्थ स्थलों पर आधुनिक सुविधाएं, बेहतर कनेक्टिविटी, बीच डेवलपमेंट और प्रशिक्षित गाइड सेवाओं का विस्तार शामिल है। पाटण स्थित विश्वप्रसिद्ध रानी की वाव, जो यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल है, अब और आकर्षक बनेगी। लगभग रु. 18 करोड़ की लागत से यहां अत्याधुनिक लाइट एंड साउंड शो और प्रोजेक्शन मैपिंग विकसित किया गया है, जो रानी उदयमति की प्रेरक गाथा और प्राचीन जल प्रबंधन प्रणाली को जीवंत करेगा। इसी तरह ऐतिहासिक नगरी वडनगर में शर्मिष्ठा झील पर लगभग रु. 25 करोड़ की लागत से वॉटर स्क्रीन प्रोजेक्शन शो तैयार किया गया है। यह प्रस्तुति प्राचीन जल संरक्षण तकनीकों और शहर के गौरवशाली इतिहास को आधुनिक तकनीक के साथ दर्शाएगी। इसके अलावा बनासकांठा जिले में स्थित बालाराम महादेव क्षेत्र में लगभग रु. 25 करोड़ की लागत से समग्र विकास कार्य किए जा रहे हैं। यहां घाट, फूड कियोस्क, पार्किंग, प्रवेश द्वार और अन्य सुविधाओं के विकास से इसे एक प्रमुख आध्यात्मिक और प्राकृतिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। ये सभी परियोजनाएं केवल बुनियादी ढांचे का विकास नहीं, बल्कि गुजरात की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को आधुनिक तकनीक के माध्यम से नई पीढ़ी तक पहुंचाने का एक ऐतिहासिक प्रयास हैं। प्रधानमंत्री की यह यात्रा गुजरात को विश्व के अग्रणी पर्यटन स्थलों में शामिल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। सतीश/29 मार्च