* रु. 3300 करोड़ की लागत वाला केन्स सेमीकॉन प्रोजेक्ट रोजाना 60 लाख चिप्स का उत्पादन करेगा, गुजरात बनेगा नया टेक हब अहमदाबाद (ईएमएस)| प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 31 मार्च, 2026 को साणंद में केन्स सेमीकॉन की आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर असेंबली और टेस्ट (ओएसएटी) सुविधा का शुभारंभ करेंगे। भारत के सेमीकंडक्टर मिशन के तहत इस प्रोजेक्ट को केंद्रीय कैबिनेट ने 23 सितंबर, 2024 को स्वीकृति दी थी। 3300 करोड़ रुपए की लागत वाले इस प्रोजेक्ट के शुरू होने से साणंद में सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम और अधिक मजबूत होगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के अनुसार, भारत में सेमीकंडक्टर क्षेत्र के विकास से यह दशक टेक फ्यूचर का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित होगा। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में राज्य में सेमीकंडक्टर क्षेत्र के विकास के लिए काफी तेजी से काम हो रहा है। माइक्रोन प्लांट के शुभारंभ के बाद केन्स सेमीकॉन की ओएसएटी सुविधा के शुरू होने से स्थानीय आर्थिक विकास को और गति मिलेगी। ओएसएटी यानी आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर असेंबली और टेस्ट प्लांट में चिप की टेस्टिंग और पैकेजिंग करके उसे मार्केट तक पहुंचाने का काम पूरा किया जाता है। एक अनुमान के मुताबिक, 31 मार्च को शुरू होने वाले इस प्लांट में प्रतिदिन 60 लाख चिप्स का उत्पादन होगा। * सेमीकंडक्टर क्षेत्र में भारत की लंबी छलांग : बरसों का काम 900 दिनों में हुआ पूरा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 28 फरवरी, 2016 को माइक्रोन सेमीकंडक्टर प्लांट का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रोजेक्ट की गतिशीलता पर जोर देते हुए कहा, “जून 2023 में इस फैसिलिटी के लिए एमओयू साइन हुआ। सितंबर में शिलान्यास हुआ और आज फरवरी 2026 में कमर्शियल प्रोडक्शन भी शुरू हो गया। दुनिया के विकसित देशों में भी ऐसी मंजूरियों और प्रक्रियाओं में वर्षों निकल जाते हैं, लेकिन भारत ने इस असंभव कार्य को केवल 900 दिनों में पूरा कर दिखाया है। जब नीयत साफ हो और निष्ठा देश के तेज विकास के प्रति हो, तब नीति भी स्पष्ट बनती है और निर्णयों में भी गति आ ही जाती है।” * साणंद : ऑटो हब से लेकर सेमीकंडक्टर हब तक साणंद के औद्योगिक विकास में बहुत ही छोटी अवधि में उल्लेखनीय बदलाव देखने को मिला है। माइक्रोन टेक्नोलॉजी, केन्स सेमीकॉन के साथ ही सीजी सेमी द्वारा भी यहां प्लांट स्थापित किया जा रहा है। ऑटोमोबाइल हब के रूप में विख्यात साणंद, अब भारत के प्रथम चिप पैकेजिंग क्लस्टर और वैश्विक सेमीकंडक्टर मूल्य शृंखला में एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में उभर रहा है। ताइवान के सिंशु शहर और दक्षिण कोरिया के ग्योंगी शहर के समान भारत में साणंद सेमीकंडक्टर हब के रूप में विकसित हो रहा है। * हमारा लक्ष्य केवल फैक्ट्री स्थापित करने तक सीमित नहीं है : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने साफ तौर पर कहा, “हमारा लक्ष्य केवल एक फैक्ट्री स्थापित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि संपूर्ण इकोसिस्टम बनाना है। भारत अब सेमीकंडक्टर की पूरी वैल्यू चेन पर फोकस कर रहा है, जिसमें डिजाइन इंजीनियर से लेकर मशीन निर्माता और लॉजिस्टिक्स तक के सभी स्तर शामिल हैं। ‘इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0’ की घोषणा इसी दिशा में उठाया गया एक बड़ा कदम है। जैसे-जैसे उत्पादन बढ़ेगा, वैसे-वैसे भारत में ही मटेरियल और कंपोनेंट्स की मांग बढ़ेगी, जो स्थानीय उद्योगों के लिए सबसे बड़ा अवसर बनेगी।” भारत अब इस वैश्विक सेमीकंडक्टर वैल्यू चेन का बहुत ही अहम हिस्सा बन रहा है। उन्होंने आगे कहा कि कोविड के मुश्किल दौर में बोए गए बीज आज वटवृक्ष बनकर फल दे रहे हैं और अब तक सेमीकॉन इंडिया प्रोग्राम के अंतर्गत 10 बड़े प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी गई है, जिसमें चार प्रोजेक्ट गुजरात में हैं । सतीश/29 मार्च