अंतर्राष्ट्रीय
31-Mar-2026
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प्योंग यांग,(ईएमएस)। पश्चिम एशिया में चल रही जंग के बीच उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन ने एक नए और शक्तिशाली मिसाइल इंजन के परीक्षण का जायजा लिया। सरकारी मीडिया ने रविवार को इसकी जानकारी दी। यह इंजन एक अपग्रेडेड, हाई-थ्रस्ट, सॉलिड-फ्यूल पर आधारित है और इसकी ताकत पहले से कहीं ज्यादा है। किम जोंग उन ने इसे देश की सैन्य शक्ति बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम बताया है। इस परीक्षण का मकसद ऐसी मिसाइलें बनाना है जो अमेरिका और उसके सहयोगियों को निशाना बना सकें। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इन मिसाइलों को पहचानना और रोकना बहुत मुश्किल है। यह इंजन कार्बन फाइबर से बना है। इस इंजन की अधिकतम ताकत 2,500 किलोटन मापी गई है। इससे पहले सितंबर में हुए परीक्षण में यह ताकत 1,970 किलोटन थी। यह टेस्ट देश के पांच साल के हथियार विकास कार्यक्रम का हिस्सा है। इसका लक्ष्य परमाणु क्षमता वाली बैलिस्टिक मिसाइलों को और आधुनिक बनाना है। किम जोंग उन ने कहा कि इस टेस्ट से देश की रणनीतिक ताकत सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई है। हालांकि, यह टेस्ट कब और कहां हुआ, इसकी सटीक जानकारी नहीं दी गई है। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि उत्तर कोरिया के दावे बढ़ा-चढ़ाकर पेश किए गए हो सकते हैं। दक्षिण कोरिया के एक शोधकर्ता ली चुन ग्यून ने कहा कि उत्तर कोरिया इसमें कुछ बातें छिपा रहा है। उन्होंने इंजन के जलने के कुल समय जैसी जरूरी जानकारी नहीं दी है। उत्तर कोरिया ने सितंबर के परीक्षण को सॉलिड-फ्यूल इंजन का नौवां और अंतिम ग्राउंड परीक्षण बताया था, और पहले कहा था कि इस इंजन का उपयोग इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइलों के लिए किया जाएगा। उस समय पर्यवेक्षकों ने अनुमान लगाया था कि उत्तर कोरिया जल्द ही उस इंजन से लैस एक इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण-प्रक्षेपण करेगा, लेकिन उसने अभी तक ऐसा नहीं किया है। आशीष/ईएमएस 31 मार्च 2026