31-Mar-2026
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- दिल्ली क्राइम ब्रांच ने दबोचा, प्रोडक्शन वारंट पर लेकर आएगी भोपाल पुलिस - एमपी समेत देश के भर में 1100 से अधिक मेल कर दी थी, ब्लास्ट की धमकी भोपाल(ईएमएस)। एमपी समेत देश भर के 1100 से अधिक प्रतिष्ठित निजी और सरकारी संस्थानों को अलग-अलग समय में मेल के जरिये बम से उड़ाने की धमकी देने वाले आरोपी को आखिरकार दिल्ली क्राइम ब्रांच की टीम ने कर्नाटक के मैसूर से गिरफ्तार कर लिया है। जानकारी के मुताबिक, गुरुवार को मैसूर के वृंदावन लेआउट में स्थित एक मकान से कर्नाटक पुलिस की सहायता से पकड़े गये आरोपी की पहचान 47 वर्षीय श्रीनिवास लुईस के रूप में हुई है। उसके पास से एक लैपटॉप और कई सिम कार्ड जब्त किये गये है। मीडिया रिर्पोट्स के मुताबिक आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उसे मैसूर कोर्ट में पेश कर ट्रांजिट रिमांड पर दिल्ली ले गई। आरोपी से आगे की पूछताछ में दिल्ली पुलिस यह जानकारी जुटा रही है कि क्या पकड़े गये आरोपी ने अकेले ही यह अपराध किया है, या इसमें उसका कोई साथी भी शामिल था। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, आरोपी के लैपटॉप की शुरुआती तकनीकी पड़ताल में 1,100 ई-मेल भेजे जाने की बात सामने आई है। आरोपी ने ये ई-मेल क्यों भेजे और इसके पीछे उसका क्या मकसद था, इन सवालों के जवाब आरोपी से पूछताछ पूरी होने के बाद ही साफ हो सकेगें। जांच में यह भी सामने आया है की अपनी पहचान छिपाने और पुलिस की पकड़ से बचने के लिए आरोपी अलग-अलग जगहों से धमकी भरे ई-मेल और मैसेज भेजता था। दिल्ली हाई कोर्ट के जज को भी आरोपी द्वारा एक धमकी भरा ई-मेल भेजा गया था, जज की शिकायत के बाद अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया गया। पूछताछ करने पर आरोपी ने स्वीकार किया है की पिछले कुछ महीनों में उसने 1100 से ज्यादा फर्जी ईमेल भेजकर संबंधित को बम से उड़ाने की धमकी देकर दहशत फैलाने का काम किया था। - बेरोजगार है पोस्टग्रेजुएट आरोपी पुलिस जांच में सामने आया कि बंगलूरू का रहने वाला श्रीनिवास पोस्टग्रेजुएट है, और फिलहाल बेरोजगार है। आरोपी अपनी मां के साथ रहता है, उसकी मां रिटायर्ड सरकारी कर्मचारी हैं, मां को मिलने वाली पेंशन पर ही घर खर्च चलता है। अनुमान है की बेरोजगारी के कारण वह मानसिक तनाव से जूझ रहा था। इसी वजह से उसने धमकी भरे मेल भेजने की हरकत की हो। - धमकियों की वजह से चकरघिन्नी हो गई थी पुलिस - करने पड़े थे सुरक्षा के कड़े इंतजाम गौरतलब है कि श्रीनिवास की इन फेक धमकियों के कारण संबधित शहरो की पुलिस को सुरक्षा के कड़े इंतजाम करने पड़े। कई जगहों से लोगों को बाहर निकालना पड़ा और कई संस्थानों का कामकाज भी ठप हो गया। - एमपी में 12 संस्थानों को बम से उड़ाने की धमकी दे चुका था आरोपी पुलिस पूछताछ में आरोपी श्रीनिवास ने कबूल किया कि, वो देश के अन्य भवनों की तरह मध्य प्रदेश के प्रमुख शहरों के महत्वपूर्ण संस्थानों को धमकी दी थी। इसमें भोपाल कमिश्नर ऑफिस, नापतोल विभाग, पीपल्स यूनिवर्सिटी, एम्स भोपाल, जे.के यूनिवर्सिटी, अटल बिहारी हिंदी यूनिवर्सिटी, मंत्रालय, सतना, बड़वानी, बालाघाट और मैहर की जिला अदालत के साथ-साथ भोपाल-इंदौर के एयरपोर्ट को भी बम से उड़ाने की धमकी दे चुका है। - प्रोडक्शन वारंट पर वारंट पर लायेगी एमपी पुलिस मध्य प्रदेश पुलिस ने आरोपी की तलाश के लिए एसआईटी का गठन किया था। मामले में दिल्ली पुलिस की पूछताछ के बाद संभवत: एमपी एसआईटी भी आरोपी से पूछताछ करने के लिये उसे प्रोडक्शन वारंट पर भोपाल लेकर आएगी। - पिछले तीन महीनों से लगातार मिल रहे धमकी भरे ई-मेल 19 फरवरी को पीपुल्स यूनिवर्सिटी और पीपुल्स मेडिकल कॉलेज को साइनाइड बम से उड़ाने की धमकी। 2 मार्च को फिर पीपुल्स यूनिवर्सिटी आरडीएक्स बम से उड़ाने की धमकी। 2 मार्च को एम्स भोपाल को उड़ाने की धमकी मिली। 16मार्च को नापतौल विभाग के ऑफिस को साइनाइड गैस बम की धमकी मिली। 17 मार्च को फिर दूसरे दिन नापतौल ऑफिस को ड्रोन से आरडीएक्स बम ब्लास्ट की धमकी। 18 मार्च को एक साथ जेके मेडिकल यूनिवर्सिटी, एलएनसीटी यूनिवर्सिटी, भोपाल जिला कोर्ट, अटल बिहारी वाजपेयी हिंदी विश्वविद्यालय और वाणिज्यिक कर कार्यालय को भी धमकी मिल चुकी है। जुनेद / 31 मार्च