रुसी विदेश मंत्री का बयान, अमेरिका और इजराइल शांति नहीं चाहते रोम (ईएमएस)। इटली ने अमेरिका को अपने सिगोनेला मिलिट्री बेस का इस्तेमाल करने से रोक दिया। यह बेस सिसिली आइलैंड पर है। अमेरिका इस बेस पर विमान उतरना चाहता था, लेकिन इटली ने परमिशन नहीं दी। रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका के कुछ बॉम्बर विमान इटली के बेस पर उतरकर आगे मिडिल ईस्ट जाना चाहते थे। लेकिन इटली को प्लान की पहले से कोई जानकारी नहीं थी। अमेरिका ने न इटली से इजाजत मांगी और न ही उसके सैन्य अधिकारियों से बात की। बात दें कि कुछ दिन पहले स्पेन भी ऐसा ही कदम उठा चुका है। स्पेन ने अमेरिकी विमानों के लिए अपना एयरस्पेस बंद किया था। इसी बीच रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा कि अमेरिका और इजराइल, ईरान और उसके पड़ोसी देशों के बीच अच्छे रिश्ते नहीं होने देना चाहते है। जो रेजीम चेंज की बातें हो रही हैं, उसका असली मकसद तेल-गैस पर कंट्रोल पाना है। अमेरिका ने ईरान के इस्फहान शहर में एक बड़े हथियार डिपो पर एयरस्ट्राइक की है। रिपोर्ट के मुताबिक, यह हमला सोमवार रात को किया गया। इसके लिए 2000 पाउंड के बंकर-बस्टर बमों का इस्तेमाल हुआ। रिपोर्ट में अमेरिकी अधिकारी के हवाले से कहा गया है कि डिपो में बड़ी मात्रा में हथियार और सैन्य सामग्री रखी गई थी, जिसे निशाना बनाया गया। बंकर-बस्टर बमों का इस्तेमाल मजबूत और भूमिगत ठिकानों को तबाह करने के लिए किया जाता है। हमले के बाद डिपो में रखे हथियारों में विस्फोट होने से कई धमाके हुए और इलाके में आग के बड़े गुबार उठे। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भी सोशल मीडिया पर धमाकों का एक वीडियो शेयर किया है। आशीष दुबे / 31 मार्च 2026