अंतर्राष्ट्रीय
31-Mar-2026


बेरुत (ईएमएस)। लेबनान में बढ़ते तनाव के बीच संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन यूएनआईएफआईएल में तैनात सैनिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। हाल ही में दक्षिणी लेबनान में दो अलग-अलग घटनाओं में तीन इंडोनेशियाई शांति सैनिकों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं। इन घटनाओं के पीछे इजरायली हमलों का आरोप लगाया गया है, हालांकि इजरायल ने इन आरोपों से इंकार किया है। स्थिति इसलिए भी गंभीर हैं, क्योंकि क्षेत्र में हिजबुल्ला और इजरायल के बीच संघर्ष तेज हो गया है। इजरायली सेना हिजबुल्ला के ठिकानों को निशाना बना रही है, जिससे पूरे दक्षिणी लेबनान में अस्थिरता बढ़ गई है। इसी बीच शांति सैनिक भी इस संघर्ष की चपेट में आ रहे हैं, जबकि उनका काम युद्ध रोकना और शांति बनाए रखना है। संयुक्त राष्ट्र मिशन के अनुसार, एक घटना में शांति सैनिकों की गाड़ी बानी हयान के पास एक विस्फोट में नष्ट हो गई, जिसमें दो सैनिकों की मौत हो गई और अन्य घायल हुए। दूसरी घटना अदचित अल-कुसैर क्षेत्र में हुई, जहां एक गोला यूएनआईएफआईएल ठिकाने के पास फटा और एक सैनिक की जान चली गई। इन घटनाओं की अलग-अलग जांच की जा रही है। इस मिशन में भारत की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। वर्तमान में 642 भारतीय सैनिक यूएनआईएफआईएल के तहत लेबनान में तैनात हैं। वे इजरायल और लेबनान के बीच स्थित “ब्लू लाइन” पर निगरानी रखते हैं और संघर्ष को बढ़ने से रोकने की कोशिश करते हैं। इसके अलावा भारतीय सैनिक स्थानीय लोगों के लिए मेडिकल कैंप, पशु चिकित्सा सेवाएं और बुनियादी ढांचे की मरम्मत जैसे मानवीय कार्य भी करते हैं। भारत ने इन हमलों की कड़ी निंदा की है और सभी पक्षों से शांति सैनिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है। भारत का कहना है कि शांति सैनिकों पर हमला अस्वीकार्य है और इससे अंतरराष्ट्रीय शांति प्रयासों को नुकसान पहुंचता है। यूएनआईएफआईएल क्या है? लेबनान में नात संयुक्त राष्ट्र शांति सेना को यूएनआईएफआईएल के नाम से जाना जाता है। वर्तमान में इजरायल और हिजबुल्ला के बीच जारी जंग में इन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ा है, जिसमें सैनिकों की मौत भी शामिल है। यूएनआईएफआईएल की स्थापना 1978 में की गई थी। इसका मुख्य कार्य दक्षिणी लेबनान में शांति बनाए रखना, मानवीय सहायता सुनिश्चित करना और सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 1701 को लागू करना है। वर्तमान में लगभग 10000 शांति सैनिक यूएनआईएफआईएल मिशन का हिस्सा हैं, जो विभिन्न देशों से आते हैं। इनमें भारत के अलावा, स्पेन, इटली, फ्रांस, इंडोनेशिया, नेपाल समेत दर्जनों देश के सैनिक शामिल हैं। यूएनआईएफआईएल का मुख्य लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि दक्षिणी लेबनान हिजबुल्ला के नियंत्रण में न हों और केवल लेबनानी सेना वहां तैनात रहे। आशीष दुबे / 31 मार्च 2026