:: गांधीधाम में बंगाल और हरियाणा का दबदबा : अंकोलिका को दोहरा स्वर्ण, पांच गेम के कड़े संघर्ष में जीतीं अवनी :: गांधीधाम (ईएमएस)। गुजरात के गांधीधाम स्थित हरेश सांगतानी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में मंगलवार को भारतीय टेबल टेनिस की उभरती प्रतिभाओं का हैरतअंगेज प्रदर्शन देखने को मिला। 87वीं यूटीटी सब-जूनियर और कैडेट नेशनल टेबल टेनिस चैंपियनशिप के अंडर-15 और अंडर-13 गर्ल्स सिंगल्स फाइनल मुकाबलों ने दर्शकों की सांसें थाम दीं। पश्चिम बंगाल की अंकोलिका चक्रवर्ती और हरियाणा की अवनी दुआ ने पांच-पांच गेम के मैराथन संघर्ष में अपनी मानसिक दृढ़ता का परिचय देते हुए खिताबी जीत दर्ज की। इन मुकाबलों ने न केवल तकनीकी कौशल, बल्कि दबाव के क्षणों में धैर्य बनाए रखने की कला को भी बखूबी दर्शाया। अंडर-15 यूथ गर्ल्स सिंगल्स के ऑल-बंगाल खिताबी मुकाबले में अंकोलिका चक्रवर्ती ने अपनी ही राज्य की अहोना रे को 3-2 (11-3, 4-11, 11-5, 9-11, 11-7) से पराजित कर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। अंकोलिका ने पहले गेम से ही आक्रामक रुख अपनाया, लेकिन अहोना ने शानदार वापसी कर मुकाबले को निर्णायक गेम तक खींच लिया। निर्णायक क्षणों में अंकोलिका की सधी हुई सर्विस और सटीक प्लेसमेंट भारी पड़ी। विशेष बात यह रही कि अंकोलिका और अहोना की इसी जोड़ी ने अंडर-15 डबल्स के फाइनल में राजस्थान की राधिका सोनी और समृद्धि व्यास को सीधे गेमों में 3-0 (11-2, 11-7, 11-7) से हराकर स्वर्ण पदक जीता। :: अवनी और दायिता का स्वर्णिम सफर :: अंडर-13 गर्ल्स सिंगल्स के रोमांचक फाइनल में हरियाणा की अवनी दुआ ने महाराष्ट्र की आद्या बाहेती को 3-2 (11-4, 9-11, 11-9, 10-12, 11-4) से मात देकर नेशनल चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया। चौथे गेम में आद्या ने जबरदस्त वापसी कर मैच को पांचवें गेम तक पहुँचाया था, लेकिन अवनी ने अंतिम गेम में अपनी लय बरकरार रखी। वहीं, अंडर-11 श्रेणी के फाइनल में पश्चिम बंगाल की दायिता रॉय ने हरियाणा की मोक्षा को 3-1 (11-7, 11-8, 9-11, 11-7) से हराकर खिताब पर कब्जा जमाया। :: असम और केरल की ऐतिहासिक उपलब्धि :: डबल्स स्पर्धा के अंडर-13 वर्ग में असम की ईशानी गोगोई और डिविजा पॉल की जोड़ी ने शानदार तालमेल दिखाते हुए केरल की एन.के. हर्षिता और एस. श्रीशा को 3-1 (11-7, 8-11, 11-8, 11-5) से हराकर स्वर्ण पदक जीता। केरल की जोड़ी ने सेमीफाइनल में महाराष्ट्र के खिलाफ 18-16 के ऐतिहासिक स्कोर से जीत दर्ज कर पहली बार इस श्रेणी के नेशनल फाइनल में पहुँचकर रजत पदक सुनिश्चित किया था। सेमीफाइनल मुकाबलों में भी कड़ा संघर्ष देखने को मिला, जहाँ अहोना रे ने शीर्ष वरीयता प्राप्त नैशा रेवास्कर (महाराष्ट्र) को हराकर बड़ा उलटफेर किया था। प्रकाश/31 मार्च 2025