अंतर्राष्ट्रीय
01-Apr-2026
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इस्लामाबाद,(ईएमएस)। पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में सक्रिय आतंकियों और वहां के शरणार्थी शिविरों में रह रही महिलाओं की दुर्दशा को लेकर एक ऐसा खुलासा हुआ है जिसने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सनसनी फैला दी है। पाकिस्तान के प्रसिद्ध धार्मिक विद्वान और पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के करीबी माने जाने वाले मुफ्ती सईद खान ने एक सार्वजनिक मंच से स्वीकार किया है कि पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठन कश्मीर में महिलाओं का व्यवस्थित तरीके से शोषण कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि ये आतंकी कमजोर और बेसहारा महिला शरणार्थियों को जबरन शारीरिक संबंध बनाने के लिए मजबूर करते थे। सबसे झकझोर देने वाला खुलासा यह था कि शरणार्थी शिविरों में रह रही कश्मीरी मुस्लिम महिलाओं और युवतियों को मात्र एक वक्त की रोटी के बदले अपना शरीर सौंपने के लिए विवश किया जाता था। देवबंदी विचारधारा से जुड़े मुफ्ती सईद खान ने कश्मीर एंड आवर हिपोक्रेसी (कश्मीर और हमारा पाखंड) नामक एक कार्यक्रम में उन कड़वे सत्यों को उजागर किया, जिन्हें लंबे समय से दबाया जा रहा था।मुफ्ती सईद खान ने दावा किया कि जिन उग्रवादियों को अक्सर मुजाहिदीन या धार्मिक योद्धा बताकर महिमामंडित किया जाता है, उनकी असलियत बेहद खौफनाक है। भारतीय खुफिया एजेंसियों के सूत्रों के अनुसार, मुफ्ती सईद खान का यह बयान भारत द्वारा अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पहले से दिए जा रहे तर्कों पर मुहर लगाता है। भारत लंबे समय से यह कहता रहा है कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई द्वारा प्रशिक्षित और हथियारबंद आतंकी स्थानीय लोगों का न केवल दमन कर रहे हैं, बल्कि महिलाओं के साथ यौन हिंसा और मानवाधिकारों का घोर उल्लंघन भी कर रहे हैं। चूंकि यह खुलासा किसी बाहरी एजेंसी ने नहीं, बल्कि खुद पाकिस्तान के एक प्रतिष्ठित धार्मिक नेता ने किया है, इसलिए इसकी विश्वसनीयता और वैश्विक दबाव बढ़ने की संभावना प्रबल हो गई है। यह सनसनीखेज खुलासा उन अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार रिपोर्टों को भी मजबूती देता है, जिनमें लंबे समय से पीओके में महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार के आरोप लगाए जाते रहे हैं। इससे यह साफ हो गया है कि जो संगठन खुद को कश्मीरियों के हक की लड़ाई लड़ने वाला बताते हैं, वे असल में सबसे कमजोर वर्ग के शोषण में लिप्त हैं। इस खुलासे के बाद पाकिस्तान समर्थित उग्रवाद की साख पर गहरा सवाल खड़ा हो गया है और यह वैश्विक स्तर पर पाकिस्तान को कटघरे में खड़ा करने वाला एक बड़ा प्रमाण बन गया है। वीरेंद्र/ईएमएस 01 अप्रैल 2026