नई दिल्ली (ईएमएस)। अतिक्रमण की मार झेल रहे दिल्ली के तालाब शहर के लिए बढ़ते जल संकट का संकेत बनते जा रहे हैं। कभी बारिश का पानी सहेजने, तापमान संतुलित रखने और जैव विविधता को सहारा देने वाले ये जल स्रोत आज या तो सूख चुके हैं या कब्जे की भेंट चढ़ रहे हैं। दिल्ली नमभूमि प्राधिकरण की राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) में दाखिल हालिया स्थिति रिपोर्ट में सामने आया है कि कई तालाबों का सीमांकन अधूरा है और उनके संरक्षण के लिए ठोस योजना का अभाव है। अगर समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए तो पेयजल संकट और भी गंभीर हो जाएगा। एनजीटी के 15 दिसंबर 2025 के आदेश के बाद रिपोर्ट तैयार की गई है, जिसमें सभी सरकारी विभागों को अपने क्षेत्र के तालाबों की स्थिति, सीमांकन, कब्जे और संरक्षण योजना की जानकारी देने के लिए कहा गया था। इसके लिए 9 जनवरी 2026 को एक साझा ऑनलाइन फॉर्म भी भेजा गया, लेकिन कई विभागों ने अब तक पूरी जानकारी नहीं दी। अजीत झा/देवेन्द्र/नई दिल्ली/ईएमएस/01/ अप्रैल /2026