राष्ट्रीय
01-Apr-2026


नई दिल्ली,(ईएमएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को ओडिशा दिवस (उत्कल दिवस) के अवसर पर राज्य की जनता को हार्दिक बधाई दी। इस विशेष अवसर पर उन्होंने ओडिशा की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत की सराहना करते हुए इसे भारत की महानता का एक शाश्वत प्रतीक बताया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किए गए अपने संदेश में प्रधानमंत्री ने कहा कि ओडिया संगीत, कला और साहित्य ने भारतीय संस्कृति को अनगिनत तरीकों से समृद्ध किया है। उन्होंने राज्य के लोगों के दृढ़ संकल्प, सादगी और प्रेम की प्रशंसा करते हुए कहा कि विभिन्न क्षेत्रों में उनका योगदान उल्लेखनीय रहा है। प्रधानमंत्री ने आशा व्यक्त की कि आने वाले समय में ओडिशा प्रगति की नई ऊंचाइयों को छुएगा और देश के विकास में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहेगा। दूसरी ओर, ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी ने भी इस शुभ अवसर पर प्रदेशवासियों को अपनी शुभकामनाएं प्रेषित कीं। मुख्यमंत्री ने याद दिलाया कि ओडिशा भाषा के आधार पर गठित होने वाला देश का पहला राज्य है, जिसने विश्व मंच पर अपनी एक विशिष्ट और अमिट पहचान बनाई है। उन्होंने उन महान विभूतियों और सपूतों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की, जिनके बलिदान और दूरदर्शिता के कारण एक स्वतंत्र ओडिशा प्रांत का सपना साकार हो सका। मुख्यमंत्री मांझी ने ओडिया अस्मिता, पहचान और संस्कृति की रक्षा के प्रति अपनी सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार का एकमात्र लक्ष्य हर ओडिया नागरिक के सपनों और आकांक्षाओं को पूरा करना तथा ओडिशा को देश का अग्रणी राज्य बनाना है। उन्होंने जनता से आह्वान किया कि इस पवित्र दिन पर सभी एकजुट होकर एक समृद्ध और सशक्त ओडिशा के निर्माण का संकल्प लें। उल्लेखनीय है कि 1 अप्रैल 1936 को भाषाई पहचान के आधार पर ओडिशा को एक अलग प्रांत के रूप में मान्यता मिली थी। तब से हर साल 1 अप्रैल को उत्कल दिवस के रूप में मनाया जाता है, जो राज्य की गौरवशाली विरासत और इसके गठन के लिए किए गए संघर्षों की याद दिलाता है। वीरेंद्र/ईएमएस/01अप्रैल 2026