वॉशिंगटन(ईएमएस)। अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से जारी सैन्य और कूटनीतिक गतिरोध अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। ताजा घटनाक्रमों से यह संकेत मिल रहे हैं कि वाशिंगटन और तेहरान के बीच पर्दे के पीछे सीधे संवाद की लाइन खुल गई है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने पुष्टि की है कि उन्हें पश्चिम एशिया में तैनात अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकॉफ से सीधे संदेश प्राप्त हुए हैं। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि इसे औपचारिक वार्ता नहीं कहा जा सकता, लेकिन संपर्क बना हुआ है। यह सीधी बातचीत मध्यस्थता की कोशिश कर रहे पाकिस्तान जैसे देशों के लिए एक बड़े झटके के रूप में देखी जा रही है, क्योंकि अब तेहरान ने किसी भी तीसरे पक्ष की भूमिका को लगभग खारिज कर दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयानों ने भी इन कूटनीतिक अटकलों को बल दिया है। ट्रंप ने दावा किया कि ईरान के साथ मजबूत बातचीत जारी है और अधिकांश प्रमुख मुद्दों पर सहमति बन चुकी है। हालांकि, अमेरिकी रक्षा विभाग का रुख अब भी सख्त बना हुआ है। रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने स्पष्ट किया कि वाशिंगटन समझौते की दिशा में कदम जरूर बढ़ा रहा है, लेकिन वह बमों के साथ बातचीत की नीति पर कायम रहेगा। इसका अर्थ है कि सैन्य दबाव और कूटनीतिक संवाद साथ-साथ चलेंगे। अमेरिका ने ईरान को एक 15 सूत्रीय प्रस्ताव भी भेजा है, जिसमें परमाणु हथियार न बनाने और मिसाइल कार्यक्रम को सीमित करने जैसी शर्तें शामिल हैं, जिस पर फिलहाल ईरान की ओर से कोई आधिकारिक जवाब नहीं आया है। ईरान के भीतर भी इस संवाद को लेकर संशय और सतर्कता का माहौल है। राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन ने दो टूक कहा है कि ईरान युद्ध को और लंबा खींचना नहीं चाहता, लेकिन उन्हें अमेरिका पर भरोसा नहीं है। उन्होंने पुरानी यादों को ताजा करते हुए कहा कि अमेरिका बातचीत के दौरान भी हमले करता रहा है, इसलिए किसी भी समझौते के लिए ठोस अंतरराष्ट्रीय गारंटी अनिवार्य है। विदेश मंत्री अराघची ने भी 2015 के परमाणु समझौते से अमेरिका के पीछे हटने का जिक्र करते हुए कहा कि वर्तमान में भरोसे का स्तर शून्य है। जमीनी स्तर पर तनाव अब भी चरम पर है। होर्मुज स्ट्रेट को लेकर ईरान ने सख्त चेतावनी दी है कि वह अपने विरोधियों के जहाजों के लिए इस रणनीतिक रास्ते को बंद कर सकता है। वहीं, अमेरिका की संभावित जमीनी कार्रवाई पर ईरान ने पलटवार करते हुए कहा है कि वह पूरी तरह तैयार है और किसी भी दुस्साहस का जवाब दोगुनी ताकत से दिया जाएगा। वीरेंद्र/ईएमएस/01अप्रैल 2026