अंतर्राष्ट्रीय
01-Apr-2026


-‘स्वाहा’ हुआ 20 लाख बैरल कच्चा तेल, क्या दोस्त की गलती माफ करेगा ड्रैगन? तेहरान,(ईएमएस)। ईरान को चीन का सबसे करीबी रणनीतिक और ट्रेड पार्टनर है। ईरान को इस जंग में चीन से सपोर्ट मिलने की बात भी कही जा रही है, लेकिन खबर मिली है कि यूएई के तट के पास जिस कुवैती तेल टैंकर को ईरान ने निशाना बनाया, वह चीन का 20 लाख बैरल कच्चा तेल लेकर जा रहा था। मीडिया रिपोर्ट में समुद्री खुफिया कंपनी के मुताबिक कुवैती ध्वज वाले विशालकाय टैंकर ‘अल-सलमी’ पर यूएई के तट से दूर अंधेरे में एक मिसाइल से हमला किया गया। हमले के बाद टैंकर में भीषण आग लग गई, जिसे बुझाने के लिए घंटों मशक्कत करनी पड़ी। हालांकि, जहाज के चालक दल के सभी सदस्य सुरक्षित हैं और फिलहाल तेल रिसाव की कोई बड़ी रिपोर्ट सामने नहीं आई है। दुबई के अधिकारियों ने इस हमले की पुष्टि की है, लेकिन अपनी पुरानी परंपरा के मुताबिक उन्होंने जहाज के नाम का आधिकारिक खुलासा करने से परहेज किया। आंकड़ों के मुताबिक इस जहाज पर करीब 1.2 मिलियन बैरल सऊदी कच्चा तेल और 800,000 बैरल कुवैती कच्चा तेल लदा था। यह जहाज पिछले महीने ही लोड हुआ था और यह चीन का प्रमुख औद्योगिक शहर किंगदाओ जा रहा था। चीन अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए खाड़ी देशों पर निर्भर है और ईरान उसका एक बड़ा सहयोगी है। ऐसे में ईरान के प्रभाव वाले क्षेत्र में चीन की ओर जा रहे टैंकर पर हमला होना कई गंभीर सवाल खड़े करता है। क्या यह हमला किसी ‘गलत पहचान’ की वजह से हुआ? बता दें 2011 में निर्मित ‘अल-सलमी’ का स्वामित्व कुवैत की सरकारी ऑयल टैंकर कंपनी के पास है1 कुवैत और चीन के बीच तेल व्यापार के इस महत्वपूर्ण माध्यम को निशाना बनाकर हमलावरों ने वैश्विक तेल बाजार में भी अस्थिरता पैदा कर दी है। चीन और ईरान के बीच 25 साल का रणनीतिक समझौता है, जिसमें अरबों डॉलर का निवेश और तेल की गारंटी शामिल है। यह घटना दर्शाती है कि युद्ध की आग जब फैलती है, तो वह यह नहीं देखती कि निशाना दोस्त है या दुश्मन। बीच समंदर में ‘स्वाहा’ हुआ 20 लाख बैरल तेल केवल एक आर्थिक नुकसान नहीं, बल्कि यह चीन की उस सुरक्षा गारंटी पर भी सवालिया निशान है जो वह अपने व्यापारिक मार्गों के लिए दुनिया को देता आया है। अब देखना यह होगा कि बीजिंग इस पर क्या कड़ा रुख अपनाता है या फिर ‘दोस्ती’ के नाम पर इस नुकसान सहन करता है। सिराज/ईएमएस 01अप्रैल26