अंतर्राष्ट्रीय
01-Apr-2026


वॉशिंगटन (ईएमएस)। ईरान और अमेरिका के बीच जारी सैन्य संघर्ष अब अपने दूसरे महीने में प्रवेश कर चुका है, जिससे पश्चिम एशिया सहित पूरी दुनिया में अनिश्चितता का माहौल है। इस युद्ध के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा बयान देकर सबको चौंका दिया है। ट्रंप ने संकेत दिया है कि अमेरिकी सेना अगले दो से तीन हफ्तों के भीतर ईरान से बाहर निकल सकती है। हालांकि, यह घोषणा सैन्य दबाव कम करने के बजाय कूटनीतिक दांवपेच अधिक लग रही है। ट्रंप ने यह भी स्पष्ट किया कि उन्हें होर्मुज जलडमरूमध्य के खुले रहने या बंद होने से कोई विशेष सरोकार नहीं है और वे इस व्यापारिक मार्ग के बिना भी ईरान के साथ युद्ध समाप्त करने की क्षमता रखते हैं। राष्ट्रपति का यह रुख वैश्विक तेल बाजार और ऊर्जा सुरक्षा को लेकर नई चिंताएं पैदा कर रहा है, क्योंकि यह मार्ग वैश्विक कच्चे तेल की आपूर्ति के लिए जीवनरेखा माना जाता है। दूसरी ओर, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने शांति की पहल करते हुए कहा है कि यदि भविष्य में दोबारा संघर्ष न होने की पुख्ता गारंटी दी जाए, तो उनका देश तुरंत युद्ध खत्म करने के लिए तैयार है। लेकिन जमीनी हकीकत इस कूटनीति से इतर नजर आती है। तेहरान में हाल ही में धमाकों की आवाजें सुनी गईं, जिसके बाद वहां के एयर डिफेंस सिस्टम को सक्रिय कर दिया गया। इसके साथ ही, ईरान की शक्तिशाली सैन्य इकाई इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने अमेरिका को सीधी धमकी दी है। कहा है कि यदि संघर्ष जारी रहा, तो वे माइक्रोसॉफ्ट, गूगल, एप्पल, इंटेल, आईबीएम, टेस्ला और बोइंग जैसी दिग्गज अमेरिकी कंपनियों और संस्थानों को निशाना बनाएंगे। लेबनान के मोर्चे पर भी हिंसा थमती नजर नहीं आ रही है। बेरूत के जनाह इलाके में आज सुबह हुए भीषण धमाकों से आसमान में धुएं का गुबार छा गया। इजरायली सेना ने दावा किया है कि इन हमलों में हिज़्बुल्लाह के एक वरिष्ठ कमांडर को ढेर कर दिया गया है। लेबनान के दक्षिणी हिस्सों में हुए हमलों में एक पैरामेडिक सहित आठ लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने साफ कर दिया है कि उनका सैन्य अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक आतंक के ढांचे को पूरी तरह नेस्तनाबूद नहीं कर दिया जाता। वीरेंद्र/ईएमएस/01अप्रैल 2026