राष्ट्रीय
01-Apr-2026


नई दिल्ली(ईएमएस)। होर्मुज जलडमरूमध्य में जारी भीषण तनाव के बीच अब बाब अल-मंदब जलडमरूमध्य वैश्विक सुरक्षा और अर्थव्यवस्था के लिए चिंता का नया केंद्र बनकर उभरा है। लाल सागर के दक्षिणी छोर पर स्थित यह रणनीतिक समुद्री मार्ग ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच बढ़ते सैन्य टकराव में दूसरा सबसे बड़ा मोर्चा बनता जा रहा है। यमन के हूती विद्रोहियों की सक्रियता ने इस संकट को और अधिक गंभीर बना दिया है, जिससे अंतरराष्ट्रीय व्यापार और ऊर्जा सुरक्षा पर बड़े खतरों की आशंका गहरा गई है। यदि ये मार्ग बंद हुआ तो एक नया संकट खड़ा हो जाएगा। वर्तमान में होर्मुज और बाब अल-मंदब दोनों ही विश्व के सबसे संवेदनशील चोक पॉइंट बन चुके हैं। यदि इन दोनों प्रमुख जलमार्गों पर एक साथ संकट गहराता है, तो यह केवल एक क्षेत्रीय संघर्ष नहीं रहेगा, बल्कि पूरी दुनिया की आर्थिक व्यवस्था को हिला देने वाला एक ऐतिहासिक वैश्विक झटका साबित हो सकता है। अंतरराष्ट्रीय कूटनीति अब इस कोशिश में है कि इन व्यापारिक मार्गों को सैन्य गतिविधियों से मुक्त रखा जा सके। आंसुओं का दरवाजा कहे जाने वाले बाब अल-मंदब का महत्व इस बात से समझा जा सकता है कि यह लाल सागर को अदन की खाड़ी और हिंद महासागर से जोड़ता है। लगभग 100 किलोमीटर लंबा और 30 किलोमीटर चौड़ा यह संकरा मार्ग एशिया से यूरोप जाने वाले जहाजों के लिए स्वेज नहर तक पहुंचने का एकमात्र रास्ता है। वैश्विक तेल और गैस शिपमेंट का करीब 10 से 12 प्रतिशत हिस्सा इसी मार्ग से होकर गुजरता है। विशेषज्ञों के अनुसार, यदि इस मार्ग पर किसी भी प्रकार की नाकेबंदी होती है, तो इसके परिणाम विनाशकारी हो सकते हैं। सऊदी अरब जैसे देश, जो अपनी ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन के जरिए तेल का निर्यात करते हैं, उनके लिए यह जलमार्ग एक जीवनरेखा के समान है। ईरान की ओर से मिल रहे संकेतों ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय को सतर्क कर दिया है। यदि ईरान अपने ऊर्जा ढांचे पर होने वाले हमलों के जवाब में इस क्षेत्र में दबाव बढ़ाता है, तो कच्चा तेल 150 डॉलर प्रति बैरल के स्तर को पार कर सकता है। ऐसी स्थिति में वैश्विक महंगाई और आर्थिक अस्थिरता का खतरा चरम पर होगा। भारत के लिए भी यह जलमार्ग सामरिक और आर्थिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि भारत की ऊर्जा आपूर्ति का एक बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से आता है। किसी भी व्यवधान का सीधा असर देश के उद्योगों और आम जनता की जेब पर पड़ेगा। वीरेंद्र/ईएमएस/01अप्रैल 2026