-दस्तावेजों में मामूली गलती भी नागरिकता अधिकारों पर खड़े कर सकती है सवाल वाशिंगटन,(ईएमएस)। अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के समर्थित ‘फोटो युक्त मतदाता पहचान पत्र’ नीति और प्रस्तावित ‘सेव एक्ट’ को लेकर भारतीय-अमेरिकी समुदाय में चिंता बढ़ती जा रही है। यदि यह विधेयक सीनेट में पारित होता है, तो आगामी नवंबर में होने वाले मध्यावधि चुनावों से पहले नए नियम लागू हो सकते हैं, जिससे लाखों प्रवासी मतदाताओं पर असर पड़ने की आशंका है। रिपोर्ट्स के मुताबिक विशेष रूप से टेक्सास और फ्लोरिडा जैसे रिपब्लिकन शासित राज्यों में रहने वाले प्रवासियों के बीच भय का माहौल है। आशंका जताई जा रही है कि मतदान केंद्रों पर कड़े दस्तावेज सत्यापन के चलते वे सीधे फेडरल एजेंसियों और इमिग्रेशन अधिकारियों की निगरानी में आ सकते हैं। दस्तावेजों में मामूली त्रुटि भी उनके नागरिकता अधिकारों पर सवाल खड़े कर सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस डर के कारण करीब 12.5 लाख भारतीय-अमेरिकी मतदाता मतदान प्रक्रिया से दूरी बना सकते हैं। इससे न केवल उनकी राजनीतिक भागीदारी प्रभावित होगी, बल्कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया में उनकी भूमिका भी कमजोर होगी। इसी बीच एच-1बी वीजा को लेकर भी सख्ती बढ़ाई है। टेक्सास के गवर्नर ने घोषणा की कि राज्य सरकार अब एच-1बी वीजा पर विदेशी नागरिकों की नियुक्ति नहीं करेगी और न ही सरकारी या शैक्षणिक संस्थाएं उन्हें प्रायोजित करेंगी। फ्लोरिडा ने भी इसी तरह के कदम उठाए हैं। इन फैसलों का सबसे ज्यादा असर भारतीय पेशेवरों पर पड़ने की संभावना है, जो बड़ी संख्या में इन राज्यों में कार्यरत हैं। फ्लोरिडा में रहने वाले एक भारतीय मूल के नागरिक का कहना है कि यह मुद्दा केवल मतदान का नहीं, बल्कि प्रवासियों की पहचान और अधिकारों से जुड़ा है। उनका मानना है कि यदि मतदान केंद्रों पर इमिग्रेशन एजेंट तैनात किए जाते हैं, तो स्थिति और गंभीर हो सकती है, खासकर उन बुजुर्गों के लिए जिनके दस्तावेज अद्यतन नहीं हैं। टेक्सास के व्यवसायी जो पहले ट्रम्प समर्थक रहे हैं, अब असहज हैं। उनका कहना है कि नागरिकता साबित करने की प्रक्रिया जटिल हो सकती है और वे अनावश्यक रूप से किसी जांच के दायरे में नहीं आना चाहते। कुल मिलाकर अमेरिका में प्रस्तावित चुनावी और इमिग्रेशन नीतियों ने भारतीय-अमेरिकी समुदाय में असुरक्षा और अनिश्चितता की भावना को बढ़ा दिया है, जिसका असर आगामी चुनावों में उनकी भागीदारी पर स्पष्ट रूप से देखने को मिल सकता है। सिराज/ईएमएस 01अप्रैल26