- बढ़े हुए बिजली बिल से तंग आकर महिला की आत्महत्या का मामला, उपभोक्ता एसोसिएशन ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, मुआवजे की मांग गुना (ईएमएस)।। शहर के नानाखेड़ी क्षेत्र में बढ़े हुए बिजली बिल के दबाव में एक महिला द्वारा की गई आत्महत्या की हृदय विदारक घटना ने अब राजनीतिक और सामाजिक मोड़ ले लिया है। बुधवार को मध्यप्रदेश बिजली उपभोक्ता एसोसिएशन के कार्यकर्ताओं ने कलेक्टोरेट पहुँचकर जिलाधीश के नाम एक ज्ञापन सौंपा। एसोसिएशन ने इस घटना के लिए बिजली कंपनी की कथित मनमानी और सरकार की नीतियों को जिम्मेदार ठहराया है। ज्ञापन में बताया गया कि मृतका के परिवार पर 1 लाख 26 हजार रुपये का बिजली बिल भरने का भारी दबाव था, जिसके चलते मानसिक तनाव में आकर महिला ने अपनी मासूम बच्ची को खत्म करने का प्रयास किया और स्वयं जीवनलीला समाप्त कर ली। एसोसिएशन के प्रतिनिधि मनीष श्रीवास्तव और मनोज रजक ने कहा कि बिजली एक सेवा क्षेत्र है, लेकिन इसे निजी हाथों में सौंपकर मुनाफाखोरी की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि स्मार्ट मीटर और गलत मीटर रीडिंग की वजह से आम जनता पर लाखों के बिल थोपे जा रहे हैं। जब उपभोक्ता इसकी शिकायत लेकर दफ्तर पहुँचते हैं, तो उन्हें केवल आश्वासन मिलता है और महीनों चक्कर कटवाए जाते हैं। इसके विपरीत, बिजली कंपनी के कर्मचारी वसूली के नाम पर कनेक्शन काटने और जबरन वसूली की धमकियां देते हैं, जिससे आमजन बेरोजगारी और महंगाई के इस दौर में बेहद परेशान हैं। ज्ञापन के माध्यम से एसोसिएशन ने सात सूत्रीय मांगें रखी हैं, जिनमें पीडित परिवार को तुरंत उचित मुआवजा देने, उनका कटा हुआ बिजली कनेक्शन जोडने और जिले भर में बढ़े हुए बिलों का तुरंत समाधान करने की बात कही गई है। साथ ही, वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए घोषित 4.8 प्रतिशत की बिजली टैरिफ बढ़ोत्तरी और स्मार्ट मीटर की नीति को तत्काल वापस लेने की मांग की गई है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि यदि इन समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो संगठन उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगा। इस दौरान बड़ी संख्या में एसोसिएशन के पदाधिकारी और आक्रोशित नागरिक उपस्थित रहे। - सीताराम नाटानी