क्षेत्रीय
01-Apr-2026


बिलासपुर (ईएमएस)। हाईकोर्ट ने एक बर्खास्त आरक्षक की सेवा बहाल करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने जांच प्रक्रिया को त्रुटिपूर्ण पाकर बर्खास्तगी रद्द कर दी। साथ ही 50 प्रतिशत पिछला वेतन देने के निर्देश भी दिए। हालांकि कोर्ट ने प्रक्रिया अनुसार दोबारा जांच की शासन को छूट दी है। पुलिस विभाग में कार्यरत आरक्षक शिवकुमार सायतोड़े को विभागीय जांच के बाद बर्खास्त कर दिया गया था। बर्खास्तगी के खिलाफ उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिका में जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए तर्क दिए गए के बिना ठोस साक्ष्य और सही प्रक्रिया के कार्रवाई की गई थी। जांच में कई कमियां हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने मामले की सुनवाई के बाद पाया कि जांच में कई प्रक्रियात्मक खामियां थीं। कोर्ट ने कहा कि आरोपों की जांच निष्पक्ष तरीके से नहीं की गई। इससे बर्खास्तगी का आदेश कानूनी रूप से टिकाऊ नहीं है। कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि किसी भी कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई से पहले उचित प्रक्रिया का पालन जरूरी है। जांच में पारदर्शिता और निष्पक्षता होना चाहिए।इस मामले में इन मानकों का पालन नहीं हुआ।कोर्ट ने आरक्षक की बर्खास्तगी समाप्त कर 50 प्रतिशत पिछला वेतन देने का भी आदेश दिया। मनोज राज 01 अप्रैल 2026