क्षेत्रीय
01-Apr-2026
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- प्राचीन ज्ञान और आधुनिक तकनीक में नई संभावनाएं जबलपुर, (ईएमएस)। हिंदी विभाग, प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस, शासकीय महाकोशल कॉलेज, जबलपुर द्वारा ”भारतीय ज्ञान परंपरा में शोध“ विषय पर व्याख्यान का आयोजन किया गया। जिसमें मुख्यवक्ता के रुप में देश के जाने-माने हिंदी के प्रख्यात विद्वान एवं शिक्षाविद् प्रो. उमेश कुमार सिंह ने भारतीय चिंतन की गहराई और उसकी समकालीन प्रासंगिकता पर विस्तृत चर्चा की। भारतीय ज्ञान परंपरा की प्रासंगिकता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह केवल अतीत की धरोहर नहीं, बल्कि वर्तमान और भविष्य के लिए भी मार्गदर्शन सिद्ध हो सकती है। उन्होंने इस बात पर विशेष बल दिया कि शोध के माध्यम से प्राचीन ज्ञान को आधुनिक विज्ञान एवं तकनीक के साथ जोड़कर नई संभावनाओं का विकास किया जा सकता है। वेद, उपनिषद, योग, आयुर्वेद तथा भारतीय दर्शन की वैज्ञानिकता और व्यावहारिक उपयोगिता पर विस्तार से चर्चा की। अध्यक्षीय उद्बोधन में प्राचार्य डॉ. अलकेश चतुर्वेदी ने कहा कि भारतीय ज्ञान पंरपरा को आधुनिक पद्धति से जोड़ना समय की आवश्यकता है, जिससे शिक्षा और अनुसंधान को नई दिशा मिल सके। कार्यक्रम संयोजक प्रो. अरुण शुक्ल, विभागाध्यक्ष हिंदी ने बताया कि कार्यक्रम का उददेश्य युवाओं की शोध के प्रति प्रेरित करना तथा भारतीय परंपरा के ज्ञान को वैश्विक मंच पर स्थापित करना रहा। कार्यक्रम मे मंच संचालन डॉ. तृप्ति उकास द्वारा किया गया। इस अवसर डॉ. नीना उपाध्याय, डॉ. ज्योति जैन, डॉ. मनोज प्रियदर्शन, डॉ. ज्योति जुनगरे, डॉ. इंद्र कुमार बड़कडे, डॉ. मनोज विश्वकर्मा, डॉ. ज्ञानेश पाण्डेय, डॉ. रुकमणि अहिरवार, श्रीमती लल्लाबाई लोधी, डॉ. महेन्द्र कुशवाहा, डॉ. कमलेश मौर्य, डॉ. अनिल यादव, डॉ. सुदेश मेहलोरिया के साथ महाविद्यालय के प्राध्यापक एवं शोधार्थी उपस्थित रहे। सुनील साहू / मोनिका / 01 अप्रैल 2026