राष्ट्रीय
01-Apr-2026


पणजी,(ईएमएस)। गोवा के चर्चित नाइटक्लब अग्निकांड मामले में एक बड़ा कानूनी मोड़ सामने आया है। गोवा की एक लोकल अदालत ने सौरभ और गौरव लूथरा को जमानत दे दी है, लेकिन इसके बावजूद वे फिलहाल जेल से रिहा नहीं हो पाएंगे। यह मामला बिर्च बाय रोमियो लेन नामक नाइटक्लब से जुड़ा है, जहां 6 दिसंबर 2025 को भीषण आग लगी थी। इस हादसे में करीब 25 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि करीब 50 लोग घायल हुए थे। घटना ने पूरे राज्य में सनसनी फैला दी थी और सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े किए थे। मर्सिस स्थित अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश की अदालत ने दोनों आरोपियों को नियमित जमानत दी। उनके पक्ष में वरिष्ठ अधिवक्ता सुबोध कांतक ने पैरवी की। हालांकि, यह राहत अधूरी साबित हुई क्योंकि तभी एक अन्य मामले ने उनकी रिहाई पर रोक लगा दी। दरअसल, मापुसा पुलिस ने लूथरा बंधुओं को कथित जालसाजी के एक अलग मामले में हिरासत में ले रखा है। आरोप है कि उन्होंने नाइटक्लब के लिए आबकारी लाइसेंस हासिल करने हेतु फर्जी दस्तावेज और एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) का इस्तेमाल किया। इस मामले में उनकी अग्रिम जमानत याचिका पहले ही खारिज की जा चुकी थी। पिछले सप्ताह अदालत ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका को ठुकरा दिया था, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। वर्तमान में दोनों आरोपी कोलवाले केंद्रीय जेल में बंद हैं। जहां अंजुना पुलिस मुख्य अग्निकांड की जांच कर रही है, वहीं मापुसा पुलिस फर्जी दस्तावेजों के जरिए लाइसेंस हासिल करने के आरोपों की अलग से जांच कर रही है। इस प्रकार, भले ही अदालत से जमानत मिल गई हो, लेकिन दूसरे आपराधिक मामले में गिरफ्तारी के कारण लूथरा बंधुओं की रिहाई फिलहाल संभव नहीं है। यह मामला कानूनी प्रक्रिया की जटिलता और बहुस्तरीय जांच का एक स्पष्ट उदाहरण बन गया है। आशीष दुबे / 01 अप्रैल 2026