राष्ट्रीय
01-Apr-2026
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-यौन उत्पीड़न और आपत्तिजनक वीडियो मामले में पहले से हैं घिरे पुणे,(ईएमएस)। अशोक खरात नामक स्वयंभू बाबा पर महाराष्ट्र में अब दिन-ब-दिन चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। जांच में खुलासा हुआ है कि उन्होंने जैन समुदाय के व्यापारियों को धोखा देकर मछली को “समुद्री पौधा” बताकर वर्षों तक उसका सेवन करवाया। यह धोके का कारोबार एक-दो दिन या महीने नहीं बल्कि छह साल तक चलता रहा। जांच अधिकारियों के मुताबिक, एक 46 वर्षीय जैन व्यापारी करीब छह वर्षों तक खरात के संपर्क में रहा। इस दौरान वह नियमित रूप से धार्मिक अनुष्ठानों के लिए उनके पास जाता रहा और अनजाने में मछली खाता रहा। उसे यह विश्वास दिलाया गया था कि यह कोई जीव नहीं बल्कि समुद्र में उगने वाला पौधा है, जिससे व्यापार में उन्नति और समृद्धि आती है। आरोप है कि खरात ने अपने अनुयायियों को गुमराह करने के लिए दावा किया कि मछली में हड्डियां नहीं होतीं और वह खून भी नहीं बहाती, इसलिए उसे पौधे की तरह माना जा सकता है। इन दलीलों के जरिए उन्होंने कई लोगों से लाखों रुपये भी वसूले। धोखाधड़ी का बड़ा नेटवर्क जांच एजेंसियों का मानना है कि यह मामला सिर्फ धार्मिक आस्था से खिलवाड़ का नहीं, बल्कि एक सुनियोजित ठगी का हिस्सा है। कई बड़े व्यापारी भी उनके प्रभाव में आकर उनसे व्यापार और भविष्य को लेकर सलाह लेते थे। आपत्तिजनक वीडियो और यौन उत्पीड़न के आरोप कथित बाबा के मामले ने उस समय और गंभीर रूप ले लिया, जब इससे जुड़े आपत्तिजनक वीडियो के प्रसार का मामला सामने आया। राज्यभर में 100 से अधिक केस दर्ज किए गए हैं, जबकि विशेष जांच टीम ने सोशल मीडिया से करीब 3,500 लिंक हटाए हैं। पुलिस के अनुसार, अशोक खरात को 17 मार्च को नासिक से गिरफ्तार किया गया था। अब तक उनके खिलाफ यौन उत्पीड़न के 11 मामले दर्ज हो चुके हैं। जांच जारी, और खुलासों की संभावना अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं। यह घटना धार्मिक आस्था के नाम पर होने वाले धोखे और अंधविश्वास को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है। हिदायत/ईएमएस 01अप्रैल26