राष्ट्रीय
01-Apr-2026


नई दिल्ली,(ईएमएस)। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने असम में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने के भारतीय जनता पार्टी के वादे की आलोचना कर आरोप लगाया कि यह शासन संबंधी मुद्दों से ध्यान भटकाने की सोची-समझी एक चाल है। कांग्रेस प्रवक्ता खेड़ा ने भाजपा पर चुनाव से पहले ध्रुवीकरण की रणनीति अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि वे इसतरह के मुद्दे उठाने की कोशिश करने वाले हैं, ताकि मतदाताओं का ध्यान भाजपा सरकार के असली झूठ से हटे और वे गुमराह हो जाएं। उन्हें असम चुनाव में ध्रुवीकरण करने की कोशिश करने दीजिए। लेकिन असम की जनता कभी ध्रुवीकृत नहीं होगी। कांग्रेस प्रवक्ता खेड़ा ने कहा कि वे सिर्फ गलत मुद्दे उठा रहे हैं, ताकि उनकी अपनी कमियों, उनके अपने भ्रष्टाचार और उनके अपने कुकर्मों पर किसी तरह की चर्चा नहीं हो सके। दरअसल भाजपा ने 2026 के असम विधानसभा चुनावों के लिए घोषणापत्र जारी किया, इसमें 31 वादे शामिल हैं, जिसमें समान नागरिक संहिता का कार्यान्वयन और ओरुनोदोई योजना के तहत महिलाओं के लिए मासिक प्रत्यक्ष बैंक हस्तांतरण को बढ़ाकर 3,000 रुपये करना शामिल है। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि भाजपा का लक्ष्य असम को सबसे उज्ज्वल राज्य बनाना है और उन्होंने उत्तराखंड और गुजरात का अनुसरण कर संविधान की छठी अनुसूची के तहत आने वाले क्षेत्रों और आदिवासी समुदायों को छोड़कर यूसीसी (उप-परिस्थिति नियंत्रण अधिनियम) को लागू करने का संकल्प लिया। सीएम सरमा ने कहा कि हम असम को सबसे उज्ज्वल राज्य बनाना चाहते हैं। हम आश्रित राज्य नहीं बनना चाहते, हम देश के निर्माण में भाग लेना चाहते हैं। हम छठी अनुसूची और अनुसूचित जनजाति क्षेत्रों को छोड़कर असम में यूसीसी लागू करने वाले है। हम लव जिहाद के खिलाफ कड़े कदम उठाएंगे। हम असम को बाढ़ मुक्त बनाने के प्रयास में पहले दो वर्षों में 18,000 करोड़ रुपये खर्च करने वाले है। आशीष दुबे / 01 अप्रैल 2026