जम्मू(ईएमएस)। जम्मू के जानीपुर स्थित अदालत परिसर में उस समय भारी अफरा-तफरी मच गई, जब हिंदुओं की धार्मिक भावनाएं आहत करने के आरोपियों पर पेशी के दौरान कुछ लोगों ने हमला कर दिया। ये आरोपी सोशल मीडिया पर एक विवादित वीडियो वायरल करने के मामले में अंतरिम जमानत पर थे और बुधवार सुबह स्पेशल मोबाइल मजिस्ट्रेट (पैसेंजर टैक्स) की अदालत में हाजिरी लगाने पहुंचे थे। हमले के दौरान हुई हाथापाई में कुछ लोगों को चोटें आईं और परिसर में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। पूरा मामला 7 मार्च को वायरल हुए एक वीडियो से जुड़ा है, जिसके बाद राष्ट्रीय बजरंग दल और युवा राजपूत सभा की शिकायतों पर मोहम्मद आरिफ, शाहिद, यूनुस और इमरान के खिलाफ सतवारी पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता की धारा 299 के तहत मामला दर्ज किया गया था। चश्मदीदों के मुताबिक, जैसे ही आरोपी अदालत की ओर बढ़े, कार सवार हमलावरों ने उन पर धावा बोल दिया। इस दौरान हमलावर वहां मौजूद वकीलों से भी भिड़ गए। बताया जा रहा है कि एक हमलावर के पास हथियार भी था। घटना की सूचना मिलते ही जानीपुर पुलिस मौके पर पहुंची, हालांकि अधिकांश हमलावर भागने में सफल रहे। पुलिस ने रियासी निवासी सरफराज नामक एक युवक को गिरफ्तार किया है, जिसे हमलावरों में शामिल बताया जा रहा है। इस हिंसक घटना ने न्यायिक परिसर की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है, जिससे कानूनी गलियारों में रोष व्याप्त है। हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष निर्मल कोतवाल ने इसे सुरक्षा में बड़ी सेंध करार देते हुए कहा कि वकीलों और जजों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि कोर्ट परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरे सभी हिस्सों को कवर नहीं करते, जिसका फायदा अपराधी उठाते हैं। वहीं, वकीलों के एक प्रतिनिधिमंडल ने इस मुद्दे को लेकर प्रिंसिपल सेशंस जज से मुलाकात की और अदालत परिसर में सुरक्षा बढ़ाने की पुरजोर मांग की। वकीलों का कहना है कि वे पहले भी सुरक्षा संबंधी चिंताओं से प्रशासन को अवगत करा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। वीरेंद्र/ईएमएस/02अप्रैल2026