राज्य
02-Apr-2026
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- भाजपा विधायक पाठक को अवमानना का नोटिस,जवाब - तलब जबलपुर, (ईएमएस)। म.प्र. उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा तथा न्यायाधीश विनय सराफ की संयुक्तपीठ ने कटनी जिलांतर्गत विजयराघवगढ के भाजपा विधायक संजय पाठक के जस्टिस विशाल मिश्रा से संपर्क करने के मामले में उन्हें नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। गुरुवार को मुख्य न्यशयाधीश की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने इस मामले को लेकर दाखिल याचिका का निराकरण कर पुन: ओपन कोर्ट में संज्ञान लेकर विधायक पाठक से पूछा है कि क्यों न उनके खिलाफ आपराधिक अवमानना की कार्रवाई की जाए? कटनी निवासी आशुतोष दीक्षित की ओर से दायर याचिका में आरोप लगाया गया था कि भाजपा विधायक संजय पाठक ने उच्च न्यायालय के जज से संपर्क करने की कोशिश की थी, जो न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास माना जा सकता है। याचिका में यह भी कहा गया कि पाठक परिवार से जुड़ी खदानों के मामले की सुनवाई न्यायाधीश विशाल मिश्रा की एकलपीठ में निर्धारित थी। इसी दौरान 1 सितंबर 2025 को न्यायाधीश श्री मिश्रा ने स्वयं इस बात का खुलासा किया था कि विधायक द्वारा उनसे संपर्क करने की कोशिश की है। घटना के सामने आने के बाद न्यायाधीश श्री मिश्रा ने निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से मामले की सुनवाई से खुद को अलग कर लिया था। उन्होंने इस पूरे प्रकरण को प्रशासनिक स्तर पर मुख्य न्यायाधीश के समक्ष भेजने का निर्देश भी दिया था। याचिकाकर्ता आशुतोष दीक्षित का कहना था कि उन्होंने इस पूरे मामले को लेकर संबंधित अधिकारियों के समक्ष शिकायत भी दर्ज कराई थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इसी कारण उन्होंने उच्च न्यायालय की संयुक्तपीठ के समक्ष याचिका दाखिल कर विधायक संजय पाठक के खिलाफ उचित कार्रवाई करने की मांग की ।गुरुवार को मामले पर हुई सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अरविंद श्रीवास्तव और पुनीत श्रोती उपस्थित रहे। संयुक्तपीठ ने आशुतोष दीक्षित की याचिका का निराकरण करके विधायक संजय पाठक को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। इस दौरान मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने विधायक पाठक की ओर से पेश की गई आपत्ति को दरकिनार करके उन्हें (पाठक को ) जवाब पेश करने के निर्देश दिए हैं। अजय पाठक / मोनिका / 02 अप्रैल 2026/ 3.26