लेख
02-Apr-2026
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डोनाल्ड ट्रंप ने जो ताजा संदेश दिया है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के इस संदेश ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में बड़ी हलचल तेज कर दी है। माना जा रहा था कि वह ईरान युद्ध को लेकर कोई स्पष्ट नीति की घोषणा करेंगे। लेकिन उन्होंने किस तरह का कोई बयान नहीं दिया। उनके बयान के बाद यह आशंका जताई जा रही है। जिस तरह से उन्होंने अपना पल्ला झाड़ है, उसके बाद दुनिया एक बड़े सैन्य टकराव की ओर बढ़ सकती है। खासकर ईरान के खिलाफ कई देशों को एकजुट करने की बात ने वैश्विक संतुलन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मध्य-पूर्व पहले से ही युद्ध के कारण कई कारणों से अस्थिर है, जहां इसराइल ,इराक सऊदी अरब, कतर और यूएई जैसे देशों के बीच जटिल स्थिति देखने को मिल रही है। यदि इन देशों के बीच युद्ध इसी तरह चलता रहेगा,तो इसका सबसे बड़ा असर इन्हीं देशों पर पड़ेगा। विशेष रूप से इराक और इजराइल को भारी जनहानि और आर्थिक नुकसान होना तय है। इतिहास गवाह है, जब भी बड़ी शक्तियां टकराती हैं। तो इसका परिणाम वैश्विक आर्थिक संकट के रूप में सामने आता है। आज की वैश्विक अर्थव्यवस्था पहले ही कई चुनौतियों से जूझ रही है। ऐसे में यदि युद्ध की स्थिति बनती है, तो दुनिया में एक नई महामंदी की ओर बढ़ती दिख रही है। ऊर्जा आपूर्ति बाधित होगी, व्यापार ठप पड़ेगा और महंगाई चरम पर पहुंच सकती है। विश्लेषकों का मानना है, यह स्थिति वैसी ही हो सकती है।जैसी लगभग 36 साल पहले सोवियत यूनियन के विघटन के समय बनी थी। उसी की पुनरावृत्ति होती हुई दिख रही है। उस दौर में आर्थिक अस्थिरता और राजनीतिक दबाव ने सोवियत रूस का विघटन कर उस महाशक्ति को कमजोर कर दिया था। यदि अमेरिका लंबे समय तक किसी बड़े युद्ध में उलझता है। तो उसके आर्थिक और सामाजिक ढांचे पर भी गंभीर असर पड़ सकता है। वर्तमान स्थिति को देखते हुए “विश्व युद्ध” का संकेत मान लेना जल्दबाजी हो सकती है। लेकिन जिस तरह के हालात बन रहे हैं। उससे कभी भी विश्व युद्ध शुरू हो सकता है। अंतरराष्ट्रीय कूटनीति, संयुक्त राष्ट्र जैसे संस्थान और वैश्विक शक्तियों एक तरह से निष्क्रिय हैं। जो हालात को नियंत्रित करने में भूमिका निभा सकते हैं। ट्रंप के बयान ने निश्चित रूप से दुनिया के सभी देशों की चिंता बढी हैं। वर्तमान में इजरायल अमेरिका और ईरान के बीच जो युद्ध चल रहा है उसको रोकने की दिशा में ना तो वैश्विक संस्थाएं आगे आ रही हैं ना ही कोई ऐसा नेता अब है जो सब लोगों से बात करके संयम और विवेक से स्थिति को संभाल सके। इस समय आर्थिक मंदी के संकेत देखने को मिल रहे हैं। दुनिया को युद्ध नहीं, बल्कि संवाद और सहयोग की जरूरत है। अमेरिका इजरायल और ईरान के युद्ध का असर दुनिया के सभी देशों पर पड रहा है। अन्यथा सारी दुनिया विनाश के मुहाने पर खड़ी हुई दिख रही है। वैश्विक संघर्ष का खामियाजा करोड़ों लोगों की आबादी को भुगतना पडेगा। ईएमएस / 02 अप्रैल 26