जबलपुर, (ईएमएस)। साहित्य अतीत, वर्तमान और भविष्य का दिग्दर्शक होता है, जो साहित्यकार को जीवंत रखते हुए समाज को कर्तव्यबोध से परिचित कराता है। उक्त विचार वर्तिका द्वारा साज जबलपुरी स्मृति नमन एवं काव्यांजलि में मुख्य अतिथि डॉक्टर सलमा जमाल एवं अध्यक्ष आचार्य विजय तिवारी किसलय ने व्यक्त किये। अवसर था वर्तिका के संस्थापक साज जबलपुरी पर केंद्रित स्मृति नमन कार्यक्रम का। विशिष्ट अतिथि डॉ.वर्षा तिवारी रैनी थीं जिन्होंने कहा कि नवोदित साहित्यकारों के मार्गदर्शक थे साज जबलपुरी।प्रमुख वक्ता राजेश पाठक प्रवीण ने कृतियों पर पर प्रकाश डाला। संयोजक विजय नेमा एवं अध्यक्ष संतोष नेमा ने कहा कि साहित्यकारों के सानिध्य एवं उनकी कृतियों के अध्ययन मनन से सृजन क्षमता को विकसित होती है साज जबलपुरी ने साहित्य की पीढ़ी तैयार की। उल्लेखनीय है कि साज जबलपुरी की तमाम गजलें दूरदर्शन केंद्र नई दिल्ली से प्रसारित हुई एवं मशहूर गजल गायक चंदनदास एवं अनूप जलोटा द्वारा भी गाई गई हैं।संचालन संतोष नेमा एवं आभार राजीव गुप्ता ने किया। सुनील साहू / मोनिका / 02 अप्रैल 2026/ 6.14