क्षेत्रीय
02-Apr-2026


श्योपुर ( ईएमएस ) | न्यायालय कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री अर्पित वर्मा द्वारा श्योपुर तहसील के ग्राम जैदा की लगभग 4 बीघा भूमि को शासकीय दर्ज किये जाने का आदेश पारित किया गया है। कलेक्टर गाइडलाइन के अनुसार भूमि की कीमत डेढ करोड से अधिक अनुमानित है। पारित आदेश के अनुसार ग्राम जैदा के सर्वे नंबर 109/13 रकबा 0.8670 हेक्टयर चरनोई भूमि को काबिलकास्त करे बगैर 1975-76 में मदन पुत्र मंगला जाटव के नाम पट्टा किया गया था। वर्ष 1993 में पट्टाधारी को तत्कालीन तहसीलदार के आदेश से भूमि स्वामी अधिकार प्राप्त हुए, लेकिन बगैर सक्षम अधिकारी (कलेक्टर) की अनुमति के वर्ष 1994 में भूमि का विक्रय कर दिया गया, जो कि मध्यप्रदेश राजस्व भू-संहिता 1959 की धारा 158(3) एवं 165(7-ख) का उल्लघन है। डिप्टी कलेक्टर के जांच प्रतिवेदन एवं राजस्व अभिलेखों के सूक्ष्म परिशीलन से यह प्रमाणित होता है कि उक्त भूमि मूलतः शासकीय चरनोई पडाव मद की निस्तार की भूमि थी, जिसे कूटरचना एवं वैधानिक प्रक्रियाओं के घोर उल्लंघन के माध्यम से निजी स्वामित्व में परिवर्तित किया गया है। भूमि मूलतः चरनोई थी, तहसीलदार का आदेश दिनांक 4.11.1993 अपूर्ण और त्रुटिपूर्ण है, और बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति के भूमि का विक्रय संहिता की धारा 158(3) एवं 165(7-ख) के प्रावधानों का स्पष्ट रूप से उल्लंघन है। न्यायालय कलेक्टर द्वारा अंतिम आदेश पारित किया गयाा है कि तत्कालीन तहसीलदार परगना श्योपुर द्वारा मदन पुत्र मंगला के पक्ष में पारित वह आदेश, जिसके माध्यम से उसे बिना किसी प्रतिबंध के भूमिस्वामी घोषित किया गया था, विधिक त्रुटि और अधिकारिता के अभाव के कारण प्रारंभ से ही शून्य घोषित किया जाता है। ग्राम जैदा की सर्वे नं. 109/13 रकबा 0.8670 है. के राजस्व अभिलेखों में दर्ज श्रीमती संतोष गर्ग पत्नि श्री सत्यनारायण गर्ग एवं श्रीमती मनीषा गर्ग पत्नि श्री निशांत गर्ग निवासीगण वार्ड नंबर 14 श्योपुर के नामों को तत्काल प्रभाव से विलोपित किया जाता है तथा राजस्व अभिलेखों में पुनः मध्य प्रदेश शासन मद चरनोई पडाव के रूप में दर्ज कर शासकीय मद में बहाल करने के आदेश दिया गया है। खसरा अभिलेख से विक्रय से वर्जित की लाल स्याही की टीप को बिना आदेश विलोपित करने वाले संबंधित अधिकारी, कर्मचारी के विरुद्ध वैधानिक कार्यवाही हेतु तहसीलदार श्योपुर को आदेशित किया गया है। तहसीलदार श्योपुर को इस आदेश के क्रियान्वयन यथा अभिलेखों में अमल एवं कब्जा प्राप्ति का पालन प्रतिवेदन आगामी 7 दिवस के भीतर कलेक्टर न्यायालय के समक्ष अनिवार्य रुप से प्रस्तुत करने हेतु आदेशित किया गया है।

खबरें और भी हैं