:: संभागायुक्त होंगे टीम के अध्यक्ष, आईजी और महिला-बाल विकास के अधिकारी भी शामिल; सरकार ने जारी किए आदेश :: भोपाल/इंदौर (ईएमएस)। मध्य प्रदेश के ग्वालियर, चंबल और भोपाल संभाग में बंधुआ मजदूरी की शिकायतों और इनके समाधान कारक उपायों पर त्वरित कार्रवाई के लिए राज्य सरकार ने एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) का गठन किया है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा गुरुवार को जारी आदेश के अनुसार, यह विशेष टीम बंधुआ मजदूरों से जुड़े मामलों के उपचार, कानूनी कार्रवाई और उनके पुनर्वास के उपायों पर गहन विचारण करेगी। शासन ने इस संवेदनशील मुद्दे पर प्रशासनिक और पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को एक मंच पर लाने का निर्णय लिया है, ताकि अंतर-विभागीय समन्वय के अभाव में कोई भी मामला लंबित न रहे। :: संभागायुक्त संभालेंगे कमान, सचिव देंगे तकनीकी मार्गदर्शन :: गठित की गई एसआईटी के अध्यक्ष संबंधित संभाग के संभागायुक्त (कमिश्नर) होंगे। टीम में संबंधित जोन के आईजी, उप संचालक (सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण) और संयुक्त संचालक (महिला एवं बाल विकास, भोपाल) को सदस्य मनोनीत किया गया है। मध्य प्रदेश के श्रमायुक्त इस टीम के सदस्य सचिव की भूमिका निभाएंगे। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि श्रम विभाग के सचिव इस विशेष टीम को समय-समय पर आवश्यक तकनीकी और वैधानिक मार्गदर्शन प्रदान करेंगे, ताकि कानूनी प्रक्रिया में कोई त्रुटि न रहे। :: कलेक्टर्स और जिला समितियों को समन्वय के निर्देश :: राज्य शासन ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि संबंधित जिलों के कलेक्टर्स और जिला स्तरीय समितियां इस संभागीय एसआईटी को हर संभव सहयोग और समन्वय प्रदान करेंगी। यह टीम मुख्य रूप से उन क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करेगी जहाँ से बंधुआ मजदूरी की शिकायतें अधिक प्राप्त होती हैं। टीम का मुख्य उद्देश्य न केवल बंधुआ मजदूरों को मुक्त कराना है, बल्कि उनके लिए उचित सरकारी उपचारों और पुनर्वास योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना भी है। प्रकाश/02 अप्रैल 2026