राज्य
05-Apr-2026
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भोपाल(ईएमएस)। एम्स भोपाल लगातार चिकित्सा शोध और नवाचार के क्षेत्र में नई उपलब्धियां हासिल कर रहा है, जिससे आम नागरिकों को बेहतर और सटीक स्वास्थ्य सेवाएं मिल रही हैं। इसी क्रम में संस्थान की एक महत्वपूर्ण शोध उपलब्धि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत की गई है, जो पुरुष बांझपन की जांच और उपचार में नई दिशा प्रदान कर सकती है। एम्स भोपाल के पैथोलॉजी एवं प्रयोगशाला चिकित्सा विभाग की अतिरिक्त प्रोफेसर डॉ. हेमलता पंवार ने अमेरिका के सैन एंटोनियो में आयोजित यूएसकैप वार्षिक बैठक 2026 में अपना शोध प्रस्तुत किया। यह प्रतिष्ठित मंच विश्वभर के विशेषज्ञों को नवीनतम चिकित्सा शोध साझा करने का अवसर प्रदान करता है। यह शोध “डीएनए फ्रैगमेंटेशन इंडेक्स: पुरुष कारक बांझपन के लिए एक उभरता हुआ नैदानिक उपकरण” विषय पर आधारित था, जो एम्स भोपाल द्वारा वित्त पोषित एक आंतरिक परियोजना का हिस्सा था। डॉ. पंवार ने इस परियोजना को सफलतापूर्वक पूरा किया और इसमें यह बताया कि डीएनए फ्रैगमेंटेशन इंडेक्स एक ऐसा महत्वपूर्ण परीक्षण है, जो सामान्य वीर्य जांच में दिखाई नहीं देने वाले शुक्राणु के डीएनए क्षति का पता लगा सकता है। शोध के निष्कर्षों से पता चला कि जिन व्यक्तियों में डीएनए फ्रैगमेंटेशन स्तर 30 प्रतिशत से अधिक होता है, उनमें शुक्राणु की गुणवत्ता प्रभावित होती है। यह समस्या विशेष रूप से धूम्रपान करने वालों में अधिक देखी गई, जो ऑक्सीडेटिव तनाव से होने वाली क्षति को दर्शाती है। इस अध्ययन में डॉ. अश्वनी टंडन, डॉ. वैशाली वाल्के, डॉ. रेखा सिंह, डॉ. के. पुष्पलता, डॉ. के. माधवन, डॉ. अश्विन कोटनिस, डॉ. अंकुर जोशी और डॉ. नीलकमल कपूर सहित एक बहु-विषयक टीम ने योगदान दिया। इस सम्मेलन में डॉ. सुरम्या जैन, जो उनकी स्नातकोत्तर शोध छात्रा हैं, सह-लेखक के रूप में शामिल हुईं। इस शोध से पुरुष बांझपन की जांच अधिक सटीक तरीके से की जा सकेगी और मरीजों को उनकी स्थिति के अनुसार व्यक्तिगत उपचार मिल सकेगा। इससे दंपतियों को सही समय पर उचित चिकित्सा सलाह और उपचार प्राप्त करने में मदद मिलेगी। हरि प्रसाद पाल / 05 अप्रैल, 2026