- नए भारत के निर्माण और नागरिकों के सशक्तीकरण की दिशा में मील का पत्थर नई दिल्ली,(ईएमएस)। पीएम नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को संसद में जन विश्वास विधेयक, 2026 के पारित होने को देश में जीवन यापन और व्यापार करने में सुगमता के लिए एक बड़ा प्रोत्साहन बताया। पीएम मोदी ने कहा कि संसद द्वारा विधेयक पारित किए जाने से उन्हें ‘‘अत्यंत प्रसन्नता’’ हुई है। भारत सरकार ने देश के विनियामक ढांचे में एक क्रांतिकारी बदलाव लाते हुए जन विश्वास विधेयक, 2026 को संसद से मंजूरी दिला दी है। पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने इस विधेयक के पारित होने को नए भारत के निर्माण और नागरिकों के सशक्तीकरण की दिशा में एक मील का पत्थर बताया। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पीएम मोदी ने इस विधेयक को जीवन यापन और व्यापार करने में सुगमता के लिए प्रोत्साहन बताया। एक्स पर अपने संदेश में पीएम मोदी ने इस विधायी सुधार के मुख्य लाभों को रेखांकित किया। यह विधेयक सरकार और नागरिकों के बीच विश्वास की नींव को मजबूत करता है। पुराने और अप्रचलित नियमों को समाप्त कर शासन व्यवस्था को आधुनिक बनाया गया है। छोटे-मोटे अपराधों को अपराध की श्रेणी से बाहर करने से अदालतों पर मुकदमों का बोझ कम होगा और मामलों का त्वरित निपटारा होगा। पीएम मोदी ने इस विधेयक के निर्माण में अपनाई गई गहन परामर्श प्रक्रिया की भी सराहना की। पीएम मोदी ने विधेयक के मसौदे में अपने विचार साझा करने वाले तथा सदन में इसका समर्थन करने वालों की भी सराहना की। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि संसद में जन विश्वास विधेयक का पारित होना भारत के लिए जीवन और व्यापार को सुगम बनाने की दिशा में एक ‘‘बड़ा कदम’’ है। गृह मंत्री ने पोस्ट में कहा कि कई कानूनी प्रावधानों में कटौती करके, यह विधेयक पीएम मोदी के नए भारत के सपने को साकार करता है और सभी के लिए जीवन को आसान और व्यापार को सरल बनाता है। छोटे-मोटे अपराधों को अपराध की श्रेणी से बाहर करने और उन्हें तर्कसंगत बनाने के लिए 79 केंद्रीय कानूनों के 784 प्रावधानों में संशोधन का प्रस्ताव करने वाले जन विश्वास विधेयक को गुरुवार को संसद की मंजूरी मिल गई। यह सुधार न केवल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की छवि को सुधारेगा, बल्कि जमीनी स्तर पर छोटे व्यापारियों और आम जनता को अनावश्यक कानूनी उलझनों से भी मुक्ति दिलाएगा। सिराज/ईएमएस 03अप्रैल26