जोधपुर,(ईएमएस)। 27 मार्च को कार्यालय प्रमुख जनगणना अधिकारी और निगम कमिश्नर ने 2084 लोगों की सूची जारी की। इसमें जनगणना के लिए ड्यूटी लगाई गई। इस सूची में जिन लोगों का निधन हो चुका है या जो रिटायर हो चुके हैं, उनके नाम भी शामिल हैं। सूची में एक नाम अब्दुल वाहिद है। उनका जोधपुर के लाला लाजपत राय कॉलोनी में घर है उनकी पत्नी नसीम बानो ने बताया कि 10 मई 2024 को पति अब्दुल वाहिद का निधन हो चुका है। वे जयनारायण व्यास यूनिवर्सिटी में यूडीसी थे। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक नसीम बानो ने कहा कि नगर निगम के अधिकारी कैसे एक मृत व्यक्ति की ड्यूटी लगा सकते हैं। चौंकाने वाली बात ये है कि 15 मई 2024 को नगर निगम की ओर से ही मृत्यु प्रमाण-पत्र भी जारी किया जा चुका है। ऐसे अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। जय नारायण व्यास यूनिवर्सिटी की पेंशनर्स कमेटी के संयोजक अशोक व्यास ने बताया कि वह अगस्त 2024 में विश्वविद्यालय की सेवा से सेवानिवृत्त हो गया था। इसके बावजूद उनकी ड्यूटी जनगणना में लगा दी गई। उन्होंने कहा कि वह नगर निगम के जिम्मेदार अधिकारियों से पूछना चाहेंगे कि किस अधिकार से उन्होंने उनकी ड्यूटी लगाई। ऐसा लगता है कि उन्होंने आंखें बंद कर ड्यूटी लगा दी है। जोधपुर की रामापीर कॉलोनी में दीपक अवस्थी का मकान है। दीपक जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय में यूडीसी थे। उनका निधन 13 फरवरी 2026 को हो गया था। उनका भी सूची में नाम है। दीपक अवस्थी के दोस्त और साथी कर्मचारी रहे अशोक व्यास ने बताया कि दीपक अवस्थी के निधन का शोक संदेश भी छपवाया गया था। उसके बावजूद उनकी ड्यूटी लगा देना नगर निगम की लापरवाही है। ऐसे अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। सिराज/ईएमएस 03अप्रैल26