नई दिल्ली (ईएमएस)। युवा और बुजुर्गों में ब्रेन स्ट्रोक के मामले तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। दिमाग के किसी हिस्से में खून का बहाव रुकने या फिर नस फटने के मामले अस्पतालों में आए दिन सामने आ रहे हैं। इस तरह के बढ़ते मामलों को ध्यान में रखते हुए ग्रेटर नोएडा के सेक्टर ओमेगा एक स्थित यथार्थ अस्पताल ने ब्रेन स्ट्रोक के उपचार में रैपिड एआई आधुनिक तकनीक की शुरुआत की है। यह तकनीक स्ट्रोक और न्यूरोवस्कुलर बीमारियों की पहचान को तेज और अधिक सटीक बनाती है। यथार्थ अस्पताल न्यूरो इंटरवेंशन के ग्रुप डायरेक्टर और न्यूरोसर्जरी विभाग के एचओडी के डाॅ. सुमित गोयल ने बताया कि रैपिड एआई मस्तिष्क स्कैन का तेजी से विश्लेषण करने और महत्वपूर्ण एब्नार्मेलिटीज को तुरंत पहचानने में मदद करता है, जिससे समय पर सही उपचार शुरू कर सकते हैं। डॉ. सुमित ने बताया कि यह मस्तिष्क के क्षतिग्रस्त हुए हिस्से के बारे में बता देता है, जिसका उपचार करना आसान हो जाता है। कि ब्रेन स्ट्रोक से अचानक शरीर के एक हिस्से में कमजोरी आती है। बोलने में दिक्कत के साथ-साथ संतुलन बिगड़ना जैसे लक्षण सामने आते है। समय पर उपचार मिलने से मरीज की जान भी बचाई जा सकती है। सीओओ और फैसिलिटी डायरेक्टर डाॅ. सुनील बालियान ने बताया कि रैपिड एआई की शुरुआत एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे विशेष रूप से न्यूरोलाजिकल आपातस्थिति में तेजी और सटीकता के साथ जीवन रक्षक इलाज दिया जा सकेगा। अजीत झा/देवेन्द्र/नई दिल्ली/ईएमएस/04/ अप्रैल /2026