नई दिल्ली (ईएमएस)। जानलेवा हमले के बाद एक्स-मुस्लिम सलीम वास्तिक अस्पताल से अपने घर लौट आए हैं। गंभीर चोटों के बावजूद उनका हौसला अडिग है। उनकी सुरक्षा में 24 घंटे दो पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। उन्होंने कहा कि समाज की कुरीतियों के खिलाफ अब आवाज और बुलंद होगी। गाजियाबाद के लोनी इलाके में 27 फरवरी को हुए जानलेवा हमले के करीब एक महीने बाद खुद को एक्स-मुस्लिम बताने वाले सलीम वास्तिक अब अस्पताल से अपने घर सुरक्षित लौट आए हैं। गंभीर चोटों और कई सर्जरी के बाद भी उनका हौसला अडिग बना हुआ है। गले में गहरे घावों के बावजूद उन्होंने कहा है कि अब उनकी आवाज पहले से ज्यादा बुलंद होगी। यह हमला लोनी के निठौरा रोड स्थित अली गार्डन कॉलोनी में हुआ था, जहां जीशान और गुलफाम नाम के दो सगे भाइयों ने कथित तौर पर सलीम पर जानलेवा हमला किया था। दोनों ने उनके गले पर कई वार किए, जिससे उनकी हालत बेहद गंभीर हो गई थी। इसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उन्हें कई दिनों तक आईसीयू और वेंटिलेटर पर रखा गया। सलीम ने यह भी कहा कि कुछ लोग इस्लाम का हवाला देकर भटक रहे हैं। उनके मुताबिक, जो आरोपी मारे गए, उन्होंने अपने परिवारों को रोने के लिए मजबूर कर दिया। वह पाकिस्तान के एक चैनल के बहकावे में आ गए थे। मैं मार्शल आर्ट जानता हूं, इसलिए मैंने अपनी जान बचाने के लिए संघर्ष किया। उन्होंने कहा कि उनका परिवार इस्लाम को मानता है, लेकिन वह खुद समाज में फैली कुरीतियों के खिलाफ बोलते रहे हैं। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि हिंदूवादी संगठनों और लोनी विधायक ने भी उनका साथ दिया। वहीं, इस मामले पर लोनी विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने कहा कि यह हमला कट्टरपंथी सोच का परिणाम है। उन्होंने कहा कि जो लोग सही बात कहते हैं, उन्हें इस्लाम का विरोधी समझ लिया जाता है। विधायक ने ट्रिपल तलाक और हलाला जैसी कुप्रथाओं का भी जिक्र किया और कहा कि इस संबंध में कई महिलाएं उनसे शिकायत कर चुकी हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि सलीम की सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की है और उनका पूरा अजीत झा/देवेन्द्र/नई दिल्ली/ईएमएस/04/ अप्रैल /2026