राष्ट्रीय
04-Apr-2026
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देहरादून,(ईएमएस)। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक बार फिर दोहराया है कि राज्य की सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। राजधानी देहरादून में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि अतिक्रमण हटाना किसी विशेष वर्ग को निशाना बनाना नहीं है, बल्कि यह देवभूमि की जनसांख्यिकी, सांस्कृतिक पहचान और प्राकृतिक सौंदर्य को सुरक्षित रखने के लिए उठाया गया अनिवार्य कदम है। मुख्यमंत्री ने कड़े शब्दों में चेतावनी दी कि यदि भविष्य में किसी भी क्षेत्र में नया अतिक्रमण पनपता हुआ पाया गया, तो इसके लिए संबंधित क्षेत्र के अधिकारी को सीधे तौर पर जवाबदेह ठहराया जाएगा और उन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री धामी शुक्रवार को नगर निगम में चार करोड़ रुपये की विकास योजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास के अवसर पर बोल रहे थे। उन्होंने नवनिर्मित ‘जुगमंदर हॉल’ का उद्घाटन करते हुए इसे राज्य की सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक बताया। प्रदेश के विकास का खाका खींचते हुए उन्होंने राजधानी के आधुनिक कायाकल्प के लिए 1400 करोड़ रुपये की विशाल योजनाओं का विजन साझा किया। उन्होंने भविष्य की चुनौतियों का जिक्र करते हुए कहा कि दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के शुरू होने के बाद शहर पर आबादी और वाहनों का दबाव काफी बढ़ जाएगा। इस दबाव को नियंत्रित करने के लिए सरकार अभी से आवास, मल्टीलेवल पार्किंग और सार्वजनिक परिवहन सुविधाओं को सुदृढ़ करने पर काम कर रही है ताकि देहरादून एक आदर्श राजधानी के रूप में विकसित हो सके। कार्यक्रम के दौरान शहरी विकास मंत्री और अन्य कैबिनेट मंत्रियों ने भी शहर की स्वच्छता रैंकिंग और बुनियादी ढांचे में सुधार पर जोर दिया। नगर निगम द्वारा इस वर्ष की गई 72 करोड़ रुपये की रिकॉर्ड टैक्स वसूली को विकास कार्यों के लिए एक सकारात्मक संकेत बताया गया। दूसरी ओर, कांग्रेस और निर्दलीय पार्षदों ने भी मुख्यमंत्री से मुलाकात कर अपनी मांगें रखीं। उन्होंने मुख्य रूप से पर्यावरण मित्रों का मानदेय बढ़ाने, पार्षदों के लिए स्वास्थ्य बीमा और सफाई कर्मचारियों के आश्रितों को नौकरी देने जैसे मुद्दों पर ज्ञापन सौंपा। वीरेंद्र/ईएमएस/04अप्रैल2026