खेल
04-Apr-2026


पहली बार सिर्फ दो विदेशी खिलाड़ियों के साथ उतरी टीम नई दिल्ली (ईएमएस)। चेन्नई सुपर किंग्स ने इंडियन प्रीमियर लीग के अपने 18 साल के इतिहास में एक अनोखा और ऐतिहासिक फैसला लिया है। शुक्रवार को चेन्नई के एम.ए. चिदंबरम स्टेडियम में पंजाब किंग्स के खिलाफ खेले गए आईपीएल 2026 मुकाबले में टीम सिर्फ दो विदेशी खिलाड़ियों के साथ मैदान पर उतरी, जो अब तक कभी नहीं हुआ था। कप्तान रुतुराज गायकवाड़ की अगुवाई में टीम ने अपनी प्लेइंग इलेवन में बड़े बदलाव किए। राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ हार के बाद प्रशांत वीर को मैथ्यू शॉर्ट की जगह मौका दिया गया, जबकि इम्पैक्ट सब के रूप में राहुल चाहर को डेब्यू कराया गया। इस फैसले के चलते जेमी ओवरटन जैसे खिलाड़ी को बाहर बैठना पड़ा, जिन्होंने पिछले मैच में सबसे ज्यादा रन बनाए थे। दो विदेशी खिलाड़ियों की जगह भारतीय खिलाड़ियों को शामिल करते हुए चेन्नई ने कुल नौ भारतीय खिलाड़ियों के साथ मैदान में उतरने का फैसला किया। यह आईपीएल इतिहास में बेहद दुर्लभ है। आंकड़ों के अनुसार, आईपीएल के 19 सीजन और 1100 से ज्यादा मैचों में यह सिर्फ सातवीं बार हुआ है जब किसी टीम ने दो या उससे कम विदेशी खिलाड़ियों के साथ मैच खेला हो। यह मुकाबला चेन्नई सुपर किंग्स का आईपीएल में 255वां मैच था, लेकिन महेंद्र सिंह धोनी की लंबी कप्तानी के दौर में ऐसा कभी देखने को नहीं मिला था। यही नहीं, यह आईपीएल इतिहास का दूसरा मौका भी था जब न तो धोनी और न ही सुरेश रैना प्लेइंग इलेवन का हिस्सा बने। टीम में युवा खिलाड़ियों को भी भरपूर मौका दिया गया। 21 साल से कम उम्र के चार खिलाड़ी आयुष म्हात्रे, प्रशांत वीर, कार्तिक शर्मा और नूर अहमद एक साथ प्लेइंग इलेवन में शामिल हुए, जो अपने आप में एक खास उपलब्धि है। दरअसल, यह बदलाव मजबूरी में लिया गया फैसला था। टीम के कई अहम खिलाड़ी चोटिल हैं। डेवाल्ड ब्रेविस साइड स्ट्रेन के कारण बाहर हैं, जबकि नाथन एलिस पूरे टूर्नामेंट से बाहर हो चुके हैं। उनके रिप्लेसमेंट स्पेंसर जॉनसन भी फिलहाल चोटिल हैं और अप्रैल के अंत तक टीम से जुड़ने की उम्मीद है। इन परिस्थितियों में चेन्नई सुपर किंग्स ने युवा और घरेलू खिलाड़ियों पर भरोसा जताते हुए यह ऐतिहासिक कदम उठाया, जिसने आईपीएल इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ दिया। डेविड/ईएमएस 04 अप्रैल 2026