- एनएसयूआई ने डिप्टी सीएम बंगले से लेकर सीएमएचओ ऑफिस तक लगाये पोस्टर - भोपाल सीएमएचओ मनीष शर्मा पर लगाये फर्जी अस्पतालों को संरक्षण देने के आरोप भोपाल(ईएमएस)। फर्जी अस्पतालों को लेकर लगातार हमलावर चल रही एनएसयूआई ने अब अनोखा रास्ता अपनाते हुए फर्जी अस्पतालों के मुद्दे पर पोस्टर वॉर छेड़ते हुए सीधे प्रशासन पर हमला किया है। प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार और जिलाध्यक्ष अक्षय तोमर ने भोपाल सीएमएचओ मनीष शर्मा पर फर्जी अस्पतालों को संरक्षण देने के आरोप लगाते हुए शहर के अलग-अलग इलाकों पोस्टर लगाए है। स्वास्थ्य मंत्री के बंगले, स्वास्थ्य संचालनालय, आयुष्मान विभाग, सीएमएचओ ऑफिस के बाहर लगाए गए इन पोस्टरो पर लिखा है, की फर्जी अस्पताल खोलने के लिए संपर्क करें, नट्टू शर्मा। पोस्टरों के माध्यम से सीधे सीएमएचओ डॉ. मनीष शर्मा को घेरा गया है। संगठन का आरोप है कि शहर में फर्जी अस्पतालों को संरक्षण दिया जा रहा है, जबकि सीएमएचओ ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। जानकारी के अनुसार एनएसयूआई ने पोस्टर में एक लाइन “भोपाल में फर्जी अस्पताल खोलने के लिए संपर्क करें – नट्टू शर्मा” लिखी है। इसके बाद से यह पोस्टर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। इसके साथ ही एक अन्य पोस्टर लगाया गया है, जिसमें “अस्पताल की फर्जी निरीक्षण रिपोर्ट बनाने के लिए संपर्क करें – टीम नटवरलाल (नट्टू शर्मा)” लिखा है। एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने उप मुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला के निवास, स्वास्थ्य संचालनालय, आयुष्मान कार्यालय और सीएमएचओ कार्यालय के बाहर पोस्टर लगाए हैं। इस कदम को संगठन ने “व्यवस्था की पोल खोलने” का तरीका बताया है, जिससे जिम्मेदारों पर दबाव बनाया जा सके। प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार ने आरोप लगाया कि भोपाल में कई अस्पताल कागजों में डॉक्टर और स्टाफ दिखाकर नियमों की अनदेखी कर रहे हैं। उनका कहना है कि बार-बार शिकायतों के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही, जिससे यह आशंका मजबूत होती है कि फर्जी अस्पतालों का एक संगठित नेटवर्क काम कर रहा है। वहीं सीएमएचओ डॉ. मनीष शर्मा ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि यह विरोध राजनीतिक उद्देश्य से किया जा रहा है। उन्होंने कहा की लगातार निरीक्षण कर फर्जी अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई भी जारी है। एनएसयूआई भोपाल जिलाध्यक्ष अक्षय तोमर ने कहा कि इस मामले में सबसे ज्यादा नुकसान आम मरीजों का हो रहा है। ग्रामीण और छोटे शहरों से इलाज के लिए आने वाले मरीज कथित फर्जी अस्पतालों के जाल में फंस रहे हैं। कई जगह योग्य स्टाफ और सुविधाओं का अभाव है, फिर भी अस्पताल संचालित हो रहे हैं। एनएसयूआई ने सीएमएचओ को निलंबित करने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। साथ ही दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की भी मांग उठाई गई है। संगठन ने चेतावनी दी है कि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो डिप्टी सीएम आवास का घेराव कर उग्र आंदोलन किया जाएगा। जुनेद / 4 अप्रैल