जबलपुर, (ईएमएस)। जबलपुर जिले के लिए गर्व की बात है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शहपुरा को भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा एनक्यूएएस (राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक) का प्रमाण पत्र प्रदान किया गया है। 94 प्रतिशत अंकों के साथ प्रमाणित होने वाला यह जबलपुर जिले का पहला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बन गया है। यह उपलब्धि लंबे समय से किए जा रहे गुणवत्ता सुधार प्रयासों का परिणाम है। इस सफलता में सीबीएमओ डॉ. सी.के. अतरौलिया और उनकी पूरी टीम की अहम भूमिका रही। डॉ. अतरौलिया ने सभी नोडल अधिकारियों, सहायक नोडल अधिकारियों एवं अस्पताल स्टाफ को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी और क्षेत्रवासियों को शुभकामनाएं प्रेषित कीं। एनक्यूएएस प्रमाण पत्र प्राप्त करना एक जटिल और लंबी प्रक्रिया है। इसके लिए अस्पताल को कई मानकों पर खरा उतरना पड़ता है। सबसे पहले राज्य स्तरीय टीम द्वारा विस्तृत निरीक्षण किया जाता है। राज्य स्तर पर सफल होने के बाद भारत सरकार, नई दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्रालय की टीम द्वारा तीन दिनों तक गहन मूल्यांकन किया जाता है। इस दौरान 11 विभागों की सेवाओं, मरीजों को दी जा रही सुविधाओं, रिकॉर्ड संधारण, स्टाफ साक्षात्कार और अस्पताल की व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण किया जाता है। सभी मानकों पर खरा उतरने के बाद ही एनक्यूएएस प्रमाण पत्र प्रदान किया जाता है। पूर्व मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय मिश्रा ने भी सीबीएमओ डॉ. सी.के. अतरौलिया एवं शहपुरा की टीम को इस महत्वपूर्ण सफलता के लिए बधाई दी है। सुनील साहू / शहबाज / 04 अप्रैल 2026/ 09.00