* 10 अप्रैल तक बादल छाए रहेंगे, 8-9 अप्रैल को तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना अहमदाबाद (ईएमएस)| पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के कारण गुजरात में पिछले कुछ दिनों से मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। बीते दिन उत्तर गुजरात, सौराष्ट्र, कच्छ और मध्य गुजरात के कई इलाकों में तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ बारिश हुई। मौसम विभाग ने अभी भी मावठा (बेमौसम बारिश) जारी रहने की संभावना जताई है। मौसम विभाग के अनुसार, 7 अप्रैल को एक नई बारिश प्रणाली सक्रिय होने वाली है, जिसके चलते 7 अप्रैल से गुजरात में फिर से बेमौसम बारिश शुरू हो सकती है। हालांकि, आज से बारिश की तीव्रता में कमी आएगी। विभाग के मॉडल के अनुसार 5 से 7 अप्रैल के बीच राज्य में बारिश का प्रभाव घटेगा, ज्यादातर क्षेत्रों में आसमान साफ रहेगा और तापमान में 1-2 डिग्री की बढ़ोतरी हो सकती है। लेकिन 7 अप्रैल के बाद एक मजबूत सिस्टम सक्रिय होने से 8 और 9 अप्रैल को फिर से बारिश होने की संभावना है। इस दौरान कच्छ, सौराष्ट्र और उत्तर गुजरात में ज्यादा असर देखने को मिलेगा, जहां तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। आमतौर पर अप्रैल में तापमान 42 डिग्री सेल्सियस के पार चला जाता है, लेकिन इस बार सक्रिय बारिश प्रणाली के कारण महाराष्ट्र, राजस्थान, गुजरात और उत्तर प्रदेश में बेमौसम बारिश हो रही है। मौसम विभाग के अध्ययन के अनुसार, 15 अप्रैल के बाद यह बेमौसम बारिश पूरी तरह बंद हो सकती है और तापमान बढ़ने के साथ गर्मी का असली असर महसूस होगा। पूर्वानुमान के मुताबिक, गुजरात में 10 अप्रैल तक बादल छाए रहेंगे और हल्की से मध्यम बारिश छिटपुट रूप से होती रहेगी। 4 अप्रैल को अरावली, पंचमहल, दाहोद, महीसागर, वडोदरा, छोटाउदेपुर, नर्मदा, भरूच, अमरेली और कच्छ में बारिश की संभावना जताई गई है। देशभर में मौसम के पैटर्न में बदलाव के कारण उत्तर और पश्चिम भारत में भी बारिश और हिमपात की संभावना है। इसका असर गुजरात पर भी पड़ेगा, जिसके चलते 15 अप्रैल तक राज्य में बादल छाए रह सकते हैं और कुछ जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इसके अलावा, 4 अप्रैल को कश्मीर में बर्फबारी की संभावना जताई गई है, जबकि राजस्थान, महाराष्ट्र और कोंकण क्षेत्र में भी 15 अप्रैल तक हल्की से मध्यम बेमौसम बारिश होने का अनुमान है। सतीश/04 अप्रैल