राज्य
04-Apr-2026
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:: वर्षभर आयोजित होंगे संगीत और कला के 12 राष्ट्रीय कार्यक्रम; पद्मभूषण गोकुलोत्सव महाराज ने सराहा संस्था का योगदान :: इंदौर (ईएमएस)। मालवा की सुप्रसिद्ध और पुरातन संगीत संस्था अभिनव कला समाज अपनी स्थापना के 75वें गौरवशाली वर्ष में प्रवेश कर रही है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि को अभिनव अमृत महोत्सव के रूप में मनाया जाएगा, जिसके अंतर्गत वर्षभर संगीत, कला और संस्कृति की त्रिवेणी बहेगी। शनिवार को संस्था के सभागार में आयोजित एक गरिमामय समारोह में अभिनव अमृत महोत्सव के शुभंकर (लोगो) का विमोचन संपन्न हुआ। इस अवसर पर देश के मूर्धन्य कलाकारों ने संस्था के स्वर्णिम काल को याद करते हुए इसे इंदौर की सांस्कृतिक धरोहर बताया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पद्मभूषण संगीताचार्य पूज्यपाद गोस्वामी गोकुलोत्सव महाराज ने संबोधित करते हुए कहा कि इंदौर का गौरव हर क्षेत्र में व्याप्त है, लेकिन संगीत और कला में अभिनव कला समाज का योगदान अविस्मरणीय है। उन्होंने याद दिलाया कि 60 से 80 के दशक में देश के प्रत्येक प्रतिष्ठित कलाकार ने यहाँ अपनी ऐतिहासिक प्रस्तुतियाँ दी हैं। उन्होंने स्वयं को एक श्रोता और कलाकार के रूप में इस संस्था से जुड़ा पाकर हर्ष व्यक्त किया। अध्यक्षता करते हुए प्रख्यात कथक गुरु पद्मश्री डॉ. पुरु दाधिच ने भावुक होते हुए संस्था के पुराने दिनों का स्मरण किया। उन्होंने एक संस्मरण साझा करते हुए बताया कि एक बार पंडित रविशंकर जी ने यहाँ अनवरत पाँच घंटे तक सितार वादन किया था। उस रात उनकी उंगलियां लहूलुहान हो गई थीं, फिर भी सुरों का प्रवाह थमा नहीं था। डॉ. दाधिच ने उम्मीद जताई कि अभिनव अमृत के माध्यम से नई पीढ़ी को भी उसी उच्च कोटि के संगीत का आनंद प्राप्त होगा। संस्था के अध्यक्ष प्रवीण खरीवाल ने बताया कि अमृत महोत्सव के तहत आगामी एक वर्ष में शास्त्रीय, उप-शास्त्रीय, सुगम संगीत के साथ-साथ नृत्य, वादन और अभिनय के 12 बड़े राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। कार्यक्रम का शुभारंभ पंडित सुनील मसूरकर के निर्देशन में 11 विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना और डॉ. आशीष पिल्लई के मार्गदर्शन में द्रुपद डांस एकेडमी की पाँच छात्राओं द्वारा प्रस्तुत मनोहारी कथक नृत्य से हुआ। अतिथियों का स्वागत संस्था के पदाधिकारियों - सत्यकाम शास्त्री, रोहित अग्निहोत्री, आलोक बाजपेयी और कमल कस्तूरी सहित अन्य सदस्यों ने किया। संचालन संजय पटेल ने किया। प्रकाश/4 अप्रैल 2026