05-Apr-2026


इन्दौर (ईएमएस) विशेष न्यायाधीश अनीता सिंह की कोर्ट ने शादी तय होने के बाद दहेज के लिए शादी तोड़ने वाले को प्रकरण सुनवाई उपरांत दोषी करार देते दस साल के सश्रम कारावास एवं अर्थदण्ड से दंडित किया है। कोर्ट ने प्रकरण सुनवाई दौरान आरोपी के माता-पिता एवं भाई को भी दहेज की मांग मामले में दोषी पाते हुए एक-एक वर्ष के सश्रम कारावास एवं अर्थदण्ड की सजा सुनाई। आजाद नगर थाना क्षेत्र के इस प्रकरण में अभियोजन पैरवी अपर लोक अभियोजक जयंत दुबे द्वारा की गई। प्रकरण कहानी संक्षेप में इस प्रकार है कि जून 2023 में पीड़िता एवं आरोपी के परिवारों के बीच बातचीत और आपसी सहमति से जनवरी 2024 में शादी होना तय हुआ। इसी बीच आरोपी ने यह कहते हुए पीड़िता से शारीरिक संबंध बनाए कि उनकी शादी तो तय हो चुकी है, लेकिन बाद में आरोपी एवं उसके माता-पिता, भाई की ओर से दहेज में एक लाख रुपए नकद, ज्वेलरी सहित अन्य वस्तुओं की मांग की गई। पीड़िता के पिता ने इतना दहेज देने में असमर्थता जताई तो आरोपियों ने शादी से इनकार कर दिया। इस पर पीड़िता ने पुलिस को शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने केस दर्ज कर विवेचना उपरांत प्रकरण चालान कोर्ट में पेश किया था जहां सुनवाई उपरांत सक्षम न्यायालय ने अभियोजन तर्कों के आधार पर कोर्ट ने उक्त निर्णय दिया। आनंद पुरोहित/ 05 अप्रैल 2026