क्षेत्रीय
05-Apr-2026
...


बिलासपुर (ईएमएस)। मसीही समाज द्वारा रविवार को यीशु मसीह के मृतकों में से पुनर्जीवित होने का पवित्र पर्व पुनरुत्थान दिवस श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। नगर के सभी चर्चों में विशेष प्रार्थना सभाएं आयोजित की गईं, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। मान्यता के अनुसार, शुक्रवार को क्रूस पर मृत्यु के बाद तीसरे दिन रविवार को यीशु मसीह पुन: जीवित हुए और मृत्यु पर विजय प्राप्त की। चर्च ऑफ क्राइस्ट में विशेष आराधना सीएमडी चौक स्थित चर्च ऑफ क्राइस्ट में सुबह 10 बजे विशेष आराधना का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व सीनियर पास्टर सुदेश पॉल ने किया, जबकि संचालन मुकेश पॉल द्वारा किया गया। इस दौरान बाइबल पठन, प्रार्थना और भेंट संग्रह जैसे धार्मिक अनुष्ठान श्रद्धापूर्वक संपन्न हुए।पास्टर सुदेश पॉल ने अपने प्रवचन में पुनरुत्थान के महत्व को बताते हुए कहा कि यह पर्व परमेश्वर की महान योजना और यीशु मसीह की जीवंत उपस्थिति का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यीशु ने मानव जाति को पापों से मुक्ति दिलाकर शाश्वत जीवन का मार्ग दिखाया। युवाओं ने लिया बपतिस्मा, उपवास काल का हुआ समापन इस अवसर पर 11 युवाओं ने जल संस्कार (बपतिस्मा) ग्रहण कर यीशु मसीह को स्वीकार किया। वहीं 47 दिनों से चल रहे उपवास काल, पाम संडे और दुखभोग सप्ताह का समापन भी पुनरुत्थान दिवस के साथ हुआ। प्रेम भोज और ग्रीष्मकालीन बाइबल कक्षाओं की घोषणा आराधना के बाद प्रेम भोज का आयोजन किया गया, जिसमें सभी श्रद्धालुओं ने सहभागिता निभाई। कार्यक्रम को सफल बनाने में चर्च कमेटी, महिला सभा, जवान सभा और मेंस फैलोशिप का विशेष योगदान रहा। साथ ही 13 से 18 अप्रैल तक प्रतिदिन शाम 6 बजे से ग्रीष्मकालीन बाइबल कक्षाओं के आयोजन की भी घोषणा की गई। - मनोज राज/05 अप्रैल 2026