ग्वालियर ( ईएमएस ) । शहर में गर्मी के मौसम को ध्यान में रखते हुए पेयजल आपूर्ति को सुचारु बनाए रखने के लिए महापौर डॉ. शोभा सतीश सिकरवार ने एक समीक्षा बैठक आयोजित कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में पेयजल वितरण, टैंकर व्यवस्था, नई पाइपलाइन, नलकूप खनन तथा दूषित जल जैसी समस्याओं पर विस्तृत चर्चा की गई। बाल भवन के टीएलसी कक्ष में आयोजित इस बैठक में एमआईसी सदस्य अवधेश कौरव, श्रीमती लक्ष्मी सुरेश गुर्जर, अपर आयुक्त टी. प्रतीक राव, प्रदीप तोमर, मुनीश सिकरवार, अधीक्षण यंत्री संजीव गुप्ता सहित सभी संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। महापौर डॉक्टर सिकरवार ने सबसे पहले शहर में दूषित पेयजल की शिकायतों की समीक्षा की। अधिकारियों ने बताया कि 15 स्थानों से शिकायतें प्राप्त हुई थीं, जिनमें से 10 स्थानों पर समस्या का समाधान कर दिया गया है, जबकि शेष स्थानों पर कार्य जारी है। पानी की नई पाइपलाइन से संबंधित 7 प्रस्तावों पर भी कार्रवाई जारी है। वहीं 1 जनवरी 2025 से अब तक 128 स्थानों पर नलकूप खनन किया गया है। शहर में कुल 2603 नलकूप हैं, जिनमें से 2486 चालू और 117 बंद हैं। वर्तमान में 48 ट्रैक्टर, 74 टैंकर और 5 चिल्लर के माध्यम से जल आपूर्ति की जा रही है तथा गर्मी को देखते हुए विस्तृत कार्य योजना तैयार की जा रही है। नगर निगम क्षेत्र में अब तक 93 स्थानों पर नई पानी की लाइन डाली जा चुकी है। शहर में कुल 444 पंप ऑपरेटर कार्यरत हैं। वहीं 104 पानी की टंकियों में से केवल 60 प्रतिशत टंकियां नियमित रूप से भरी जा रही हैं। 14 स्थान ऐसे हैं जहां टंकियों से पानी नहीं पहुंच पा रहा है, वहां टैंकर एवं बोरवेल के माध्यम से पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। अमृत-2 योजना के अंतर्गत चंबल से पानी लाने का कार्य प्रगति पर है, जिसके तहत अब तक 9 किलोमीटर पाइपलाइन डाली जा चुकी है और बरसात से पहले 22 किलोमीटर अतिरिक्त लाइन डाली जाएगी। साथ ही वार्ड 61 से 66 तक पाइपलाइन डालने के लिए सर्वे पूरा हो चुका है। बैठक के अंत में महापौर ने निर्देश दिए कि सभी अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में पार्षदों के साथ भ्रमण कर पेयजल समस्याओं की सूची तैयार करें और 7 दिनों के भीतर प्रस्तुत करें। उन्होंने स्पष्ट कहा कि गर्मी के मौसम में किसी भी नागरिक को पानी के लिए परेशान नहीं होना चाहिए।